मो इसराइल
बिलासपुर। 9 अक्टूबर को होने वाले छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के राज्यव्यापी आंदोलन को अब पात्रोपाधी अभियंता संघ का भी समर्थन मिल गया है। संघ ने न केवल महासंघ की 22 सूत्रीय मांगों का समर्थन किया, बल्कि अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भी मोर्चा संभाल लिया है। अभियंता संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में चेयरमैन के नाम कार्यपालक निदेशक (बिलासपुर) को ज्ञापन सौंपा।
पुरानी पेंशन और पदोन्नति दर बढ़ाने की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में संघ ने पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, कनिष्ठ यंत्री से सहायक यंत्री पदोन्नति में 70 प्रतिशत कोटा लागू करने, उत्पादन कंपनी में बंद किए गए क्षतिपूर्ति भत्ते को पुनः चालू करने, और नियमित कर्मचारियों की तत्काल भर्ती जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
अभियंता संघ ने कहा कि बिजली कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की वर्षों से लंबित मांगों को सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। अब आंदोलन की परिस्थिति इसलिए बनी है क्योंकि “बिना ठोस पहल के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।”
महासंघ की 22 सूत्रीय मांगों को भी मिला समर्थन
संघ ने साफ कहा कि वे छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ की 22 सूत्रीय मांगों — जैसे पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, पदोन्नति नियमों में पारदर्शिता और वेतन विसंगति दूर करने — का पूर्ण समर्थन करते हैं।
इस अवसर पर महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी और पात्रोपाधी अभियंता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष बी.बी. जायसवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

“अब संघर्ष का ही विकल्प बचा है” — अभियंता संघ
अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अनेक बार मांगों के संबंध में विभागीय स्तर पर ज्ञापन दिए जा चुके हैं, परंतु कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष और आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि 9 अक्टूबर को होने वाले आंदोलन के पूर्व शासन-प्रशासन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तो वे आगे की रणनीति में कामबंदी और धरना प्रदर्शन जैसे विकल्पों पर भी विचार करेंगे।
– प्रमुख मांगें (8 सूत्रीय)
- कनिष्ठ यंत्री से सहायक यंत्री पदोन्नति को 70% तक बढ़ाया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू की जाए।
- उत्पादन कंपनी में बंद क्षतिपूर्ति भत्ता पुनः प्रारंभ किया जाए।
- नियमित कर्मचारियों की शीघ्र भर्ती की जाए।
- संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए।
- पदोन्नति और स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता लाई जाए।
- सेवा शर्तों में संशोधन कर समान कार्य समान वेतन लागू किया जाए।
- कार्यस्थल पर सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार किया जाए।
📍ज्ञापन सौंपने का स्थान: कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर
📅 तारीख: 6 अक्टूबर 2025
👥 मुख्य उपस्थित:
- संजय तिवारी, प्रांतीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ
- बी.बी. जायसवाल, प्रांतीय अध्यक्ष, पात्रोपाधी अभियंता संघ
- अधिकारी, अभियंता एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में



