मो इसराइल बबलू
मेयर-पार्षदों में तीखी नोकझोंक, कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित — 25 मिनट में 38 प्रस्ताव पारित
बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक सोमवार को तीखे वाद-विवाद, नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच हंगामेदार रही। सदन में कांग्रेस पार्षद गायत्री लक्ष्मी नाथ साहू के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर विपक्षी पार्षदों ने जमकर विरोध किया। इस मुद्दे पर तीखी बहस के बीच सदन का माहौल गर्म हो गया और कार्यवाही को एक घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।
सभापति विनोद सोनी ने पार्षद पर दर्ज FIR की निंदा करते हुए कहा कि “जनता की समस्या लेकर निगम के पास आने वाले जनप्रतिनिधियों पर इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य है। 35 साल की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी पार्षद पर FIR दर्ज की गई।” उन्होंने निगम आयुक्त को भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने देने की सलाह दी।
सदन में हंगामा और नारेबाजी से गूंजा माहौल
बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई। GST में कटौती को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद प्रस्ताव रखा गया, तो विपक्ष ने विरोध में “वोट चोर गद्दी छोड़ो” के नारे लगाकर सदन का माहौल और गरमा दिया।
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से “मोदी-मोदी” के नारे लगाए गए, जिससे सामान्य सभा कुछ देर के लिए राजनीतिक अखाड़े में तब्दील होती दिखी।
मेयर और पार्षदों के बीच तीखी झड़प
सभा के दौरान पार्षद रीता कश्यप ने मेयर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों की उपेक्षा की जा रही है और मेयर फोन तक नहीं उठातीं। इस पर मेयर पूजा विधानी ने पलटवार करते हुए कहा कि “वार्ड में रहोगे तभी पता चलेगा कि काम कितना हो रहा है।”
मेयर ने पार्षद पुष्पेंद्र साहू को लेकर भी कहा कि वे अपने वार्ड में नहीं रहते, सिर्फ उनके पिता से मुलाकात होती है। मेयर ने कहा कि उन्हें पद संभाले अभी छह महीने ही हुए हैं, कोई जादू की छड़ी नहीं कि एक झटके में सारे काम पूरे हो जाएं।
बैठक व्यवस्था को लेकर भाजपा पार्षदों का विरोध
सभा शुरू होने से पहले भाजपा पार्षद तिलक साहू ने बैठक व्यवस्था पर आपत्ति जताई और कहा कि “प्रोटोकॉल के तहत बैठने की व्यवस्था नहीं की गई है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो वे बैठक से बाहर चले जाएंगे।
वहीं पार्षद मोती गंगवानी ने स्मार्ट सिटी स्कूल में चोरी के मामले पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने तक की चेतावनी दी।
25 मिनट में 38 प्रस्ताव और 7 अतिरिक्त एजेंडे पारित
हंगामे और स्थगन के बावजूद निगम की कार्यवाही फिर से शुरू हुई और रिकॉर्ड समय में 38 प्रस्ताव तथा 7 अतिरिक्त प्रस्ताव पारित कर दिए गए। इनमें 27 एजेंडे जाति प्रमाणपत्रों से संबंधित रहे, जबकि अन्य प्रस्तावों में शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों, नालियों, सड़कों और प्रकाश व्यवस्था को लेकर निर्णय लिए गए।
मुख्य प्रस्तावों में —
- व्यापार विहार में जीएसटी कार्यालय के सामने 4.90 करोड़ रुपये की लागत से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण,
- सकरी क्षेत्र में बुजुर्गों के लिए कम्युनिटी हॉल,
- सिरगिट्टी में आधुनिक स्पोर्ट्स क्लब, और
- देवरीखुर्द व सिरगिट्टी में जलापूर्ति सुधार के लिए 7.64 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल रही।
साथ ही 1.31 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना को भी मंजूरी दी गई।
विपक्ष ने उठाए सफाई और निर्माण कार्यों के मुद्दे
कांग्रेस पार्षदों ने नाली, सड़क और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। पार्षद अब्दुल खान ने ‘सुशासन तिहार’ के दौरान प्राप्त शिकायतों के निराकरण पर जवाब मांगा और पूछा कि “कितनी राशि जारी की गई और अब तक कितना काम हुआ?”
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था और पाइपलाइन मरम्मत कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है।
सभापति की नसीहत और सत्र का समापन
अंत में सभापति विनोद सोनी ने कहा कि निगम प्रशासन को पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना चाहिए। “जनता की सेवा के लिए चुने गए जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई का संदेश गलत जाता है। निगम आयुक्त इस बात पर ध्यान दें कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।”
- कांग्रेस पार्षद गायत्री लक्ष्मी नाथ साहू पर FIR से सदन में हंगामा
- “वोट चोर गद्दी छोड़ो” बनाम “मोदी-मोदी” के नारे
- मेयर और पार्षदों में तीखी नोकझोंक
- बैठक व्यवस्था पर भाजपा पार्षदों की नाराजगी
- 25 मिनट में 38 प्रस्ताव और 7 अतिरिक्त एजेंडे पारित
- विकास कार्यों के लिए 13 करोड़ से अधिक की स्वीकृति
स्थान: देवकीनंदन दीक्षित सभाभवन, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, बिलासपुर
तारीख: 6 अक्टूबर 2025
अवधि: दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (कार्यवाही स्थगन सहित)



