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गडकरी जी, ज़रा छत्तीसगढ़ के ‘अपना घर’ में एक घंटा बिताकर देखिए!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


लाखों रुपये खर्च कर बने ड्राइवर रेस्ट हाउस में न एसी, न पंखा, न खिड़की; जंगल-झाड़ियों और शराबियों का अड्डा बन चुका है सरकार का ‘अपना घर’

रायपुर/बिलासपुर।
केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा और ट्रक ड्राइवरों के सम्मानजनक विश्राम हेतु ‘अपना घर’ योजना शुरू की थी। कागजों में यह योजना बेहतरीन सुविधाओं का खाका पेश करती है — एसी रूम, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, स्नान सुविधा (हौदा), सुरक्षित पार्किंग, CCTV निगरानी और मोबाइल ऐप से बुकिंग।

लेकिन छत्तीसगढ़ के कोनी और रतनपुर के बीच बने ‘अपना घर’ केंद्र की हकीकत देखकर साफ़ हो जाता है कि करोड़ों की यह महत्वाकांक्षी योजना जमीनी स्तर पर दम तोड़ चुकी है।


बदहाली का सच

  • एसी, कूलर, पंखा गायब — सिर्फ नाम के रूम, जहां न ठंडक है, न हवा।
  • खिड़कियां टूटी हुईं, दीवारों पर दरारें — सुरक्षा का नामोनिशान नहीं।
  • चारों ओर जंगल-झाड़ियां और आवारा मवेशी — पार्किंग की जगह गोशाला जैसी हालत।
  • शौचालय दुर्गंधयुक्त और जर्जर — ड्राइवर अंदर जाने से कतराते हैं।
  • बड़े ट्रक गायब, शराबियों का जमावड़ा कायम — सरकारी योजना अब शराबियों का अड्डा बन गई है।

ड्राइवरों की पीड़ा

स्थानीय ड्राइवरों का कहना है —
“सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे, पर यहां ठहरना तो दूर, 5 मिनट बैठना भी मुश्किल है। जो जगह हमें आराम देना चाहिए थी, वो डरावनी खंडहर में बदल चुकी है।”


योजना और जमीनी हकीकत का अंतर

कागजों पर वादा:

  • 112 रुपये में 8 घंटे एसी रूम
  • हौदा स्नान सुविधा
  • मोबाइल ऐप से बुकिंग
  • CCTV निगरानी

जमीन पर सच्चाई:

  • टूटी दीवारें, गायब खिड़कियां
  • मवेशियों और शराबियों का कब्जा
  • सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद
  • ड्राइवरों ने करना बंद किया उपयोग

बड़ा सवाल: निगरानी कौन करेगा?

योजना शुरू करने के बाद केंद्र सरकार ने दावा किया था कि ये रेस्ट हाउस ड्राइवरों की थकान कम करेंगे और सड़क हादसों में गिरावट आएगी। लेकिन जब ड्राइवर इन जगहों पर ठहर ही नहीं रहे तो योजना का मकसद कैसे पूरा होगा?


गडकरी जी, आप भी आकर देखें

माननीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी,
आपने देशभर में 368 ‘अपना घर’ केंद्र खोलने की घोषणा की थी। लेकिन अगर आप सिर्फ एक घंटा छत्तीसगढ़ के कोनी और रतनपुर के बीच इस ‘अपना घर’ में बिताकर देखें, तो समझ में आ जाएगा कि जमीनी हकीकत कितनी भयावह है।

  • क्या यही है ड्राइवरों का सम्मान?
  • क्या जनता का पैसा ऐसे ही बर्बाद होगा?
  • क्या इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कोई करता भी है?

क्या है योजना

राष्ट्रीय राजमार्गों पर ड्राइवरों के लिए सरकार ने ‘अपना घर’ विश्राम सुविधा शुरू की है, जिसके तहत ड्राइवरों को एसी रूम, स्वच्छ शौचालय, खाना बनाने के लिए जगह, पार्किंग, और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। ये केंद्र सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के फ्यूल आउटलेट्स पर रणनीतिक रूप से स्थित हैं और मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। सुविधाओं में ड्राइवर हौदा नामक स्नान सुविधा, पार्किंग, और खुद खाना पकाने की जगह शामिल हैं, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार होता है और ड्राइवरों को सम्मानजनक आराम मिलता है। 
सुविधाएँ और सुविधाएँ
एसी रूम: ड्राइवर आठ घंटे के लिए लगभग 112 रुपये में एसी रूम ले सकते हैं। 
स्वच्छ शौचालय: स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध हैं। 
खाना बनाने की जगह: ड्राइवरों के पास खुद खाना पकाने की जगह होती है। 
शुद्ध पेयजल: शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है। 
स्नान सुविधा: ड्राइवरों के लिए खास स्नान की सुविधाएं हैं, जिसे हौदा कहते हैं। 
पार्किंग: ड्राइवरों के ट्रकों को पार्क करने के लिए सुरक्षित और उचित पार्किंग की सुविधा है। 
मोबाइल ऐप: \’अपना घर\’ मोबाइल ऐप के माध्यम से सुविधाओं की बुकिंग की जा सकती है। 
सी-सीटीवी: जहां ट्रक पार्क किए जाते हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों की सुविधा भी है। 
योजना का उद्देश्य
सुरक्षा में सुधार: ड्राइवरों के थकान के कारण होने वाले सड़क हादसों को कम करना। 
सम्मानजनक वातावरण: ड्राइवरों को आराम करने के लिए एक सम्मानजनक और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना। 
आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाना: भारत के रसद और आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ ड्राइवरों को बेहतर बुनियादी ढांचा और कार्य परिस्थितियाँ प्रदान करना। 

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