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नवरात्रि की पावन निशा पर मासूम  के साथ रेप कर गला दबाया, दुर्गा पूजा के बहाने जंगल में घिनौनी हरकत: छत्तीसगढ़ में 55 साल के दानव ने 9 साल की बच्ची को मौत के घाट उतारने की कोशिश की!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
6 Min Read

छत्तीसगढ़,बालोद, 23 सितंबर 2025
शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत हो ही रही है, जब पूरा देश मां दुर्गा की आराधना में डूबा हो, वहीँ छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक 55 साल का बुजुर्ग राक्षस अपनी नापाक हवस में एक 9 साल की मासूम तीसरी कक्षा की छात्रा को जंगल में घसीट ले गया! दुर्गा पूजा दिखाने के झूठे लालच में बच्ची को मोटरसाइकिल पर बिठाया, फिर जंगल की सघन झाड़ियों में उसका बलात्कार किया और गला दबाकर मारने की कोशिश की। ये नवरात्रि का पहला दिन है, जहां मां दुर्गा के भक्त शक्ति की उपासना कर रहे हैं, लेकिन यहाँ एक असली ‘रावण’ ने बेटी की जिंदगी पर हमला बोल दिया। क्या ये है हमारी संस्कृति? क्या ये है बेटियों की सुरक्षा का दावा? पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन सवाल ये है कि नवरात्रि की धार्मिक भव्यता के बीच ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं, जहां मासूमों का खून बह रहा है।


पवित्रता की आड़ में छिपा है खतरा, मासूम बेटी का जंगल में बलात्कार और हत्या का प्रयास! शारदीय नवरात्रि 2025 की तिथियां (23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक) मां दुर्गा की नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित हैं। बालोद के गुंडरदेही क्षेत्र में गुरुर थाना इलाके के एक गांव में यह घृणित वारदात 22 सितंबर की शाम को हुई, ठीक नवरात्रि की पूर्व संध्या पर। बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, जब आरोपी – जो पीड़िता का अपना रिश्तेदार और उसके बड़े पापा का भाई है – ने उसकी आंखों में चमक लाने के लिए दुर्गा पूजा का लालच दिया। “चल, मां दुर्गा की पूजा देखने ले चलूं,” ये शैतानी शब्दों ने मासूम को फंसाया। आरोपी ने उसे अपनी पुरानी मोटरसाइकिल पर बिठाया और सीधा जंगल की ओर दौड़ा दिया। वहाँ, प्रकृति की गोद में छिपे अंधेरे में उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की वो घिनौनी हरकत की, जो किसी सभ्य समाज में कल्पना से परे है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। बलात्कार के बाद आरोपी की हैवानियत चरम पर पहुंची – उसने बच्ची का गला दबाकर उसे खामोश करने की कोशिश की! छोटे-छोटे हाथों से संघर्ष करती मासूम किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर भागी। खून से सनी, सिसकियां लेती हुई वह पास के दूसरे गांव पहुंची और ग्रामीणों को अपनी आपबीती सुनाई। ग्रामीणों ने तुरंत गुरुर थाने को सूचना दी, और मामला सामने आया। पुलिस ने मौके से आरोपी की चप्पल, चश्मा और अन्य साक्ष्य बरामद किए। ये वही साक्ष्य हैं जो इस राक्षस की नापाकी को साबित करेंगे।
छत्तीसगढ़ में बेटियां असुरक्षित: नवरात्रि के बहाने क्यों बन रही हैं ऐसी साजिशें? नवरात्रि 2025 के दौरान पूरे देश में दुर्गा पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। छत्तीसगढ़ में भी बालोद, रायपुर, बिलासपुर जैसे जिलों में भव्य आयोजन हो रहे हैं, लेकिन ये घटना पूजा की आड़ में छिपे खतरे को उजागर करती है। आरोपी आदतन अपराधी है – पहले चोरी के मामले में जेल काट चुका है, लेकिन समाज ने उसे फिर से आजाद छोड़ दिया। क्या हमारी व्यवस्था ऐसी ‘सर्पों’ को नजरअंदाज करती रहेगी? पीड़िता के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन सवाल ये है – नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर बच्चों को पूजा दिखाने का लालच देना, क्या ये नई साजिश का रूप ले रहा है? छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जहां हर साल ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार और समाज को जागना होगा, वरना मां दुर्गा की आराधना मात्र दिखावा बन जाएगी। **पुलिस का बयान: न्याय की गारंटी देंगे, लेकिन सजा मिलेगी कड़ी!** – **सुनील तिर्की, थाना प्रभारी, गुरुर:** “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हो चुके हैं। वो आदतन अपराधी है, लेकिन अब कानून का फंदा उसके गले में कस चुका है। जांच पूरी होने पर सख्त सजा सुनिश्चित करेंगे।” – **मोनिका ठाकुर, एएसपी, बालोद:** “पीड़िता के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज है। आरोपी रिश्तेदार होने के बावजूद ऐसी नीचता दिखाई। बच्ची की मेडिकल जांच कराई जा रही है, और हम पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। बेटियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
नवरात्रि 2025 में अपील: जागो छत्तीसगढ़, बेटियों को बचाओ! शारदीय नवरात्रि 2025 के नौ दिनों में मां दुर्गा के नवरूपों की पूजा होनी है – शैलपुत्री से लेकर सिद्धिदात्री तक। लेकिन आज, नवरात्रि के पहले दिन ही एक मासूम की चीखें समाज को झकझोर रही हैं। माता के पंडालों में भीड़ उमड़े, लेकिन बच्चों की निगरानी रखें। पूजा के नाम पर लालच न दें। छत्तीसगढ़ सरकार से मांग है कि ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस अपनाएं, फास्ट-ट्रैक कोर्ट लगाएं। बेटियां सुरक्षित हों, तभी नवरात्रि सच्ची शक्ति का प्रतीक बनेगी। पीड़िता के परिवार के साथ हम खड़े हैं – न्याय मिलेगा, और अपराधी सड़ जाएगा।

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