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राजकीय पशु के लिए अनुकूल साबित हुआ बारनवापारा अभ्यारण्य

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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वन भैंसों की संख्या 6 से बढ़कर 10 हुई, संरक्षण के प्रयास रंग लाने लगे

रायपुर, 23 सितंबर 2025।
छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वन भैंसा अब सुरक्षित ठिकाना पा चुका है। महासमुंद जिले के बारनवापारा अभ्यारण्य में इनकी संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। कभी यहां सिर्फ 6 वन भैंसे थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वन विभाग के संरक्षण प्रयासों और बेहतर प्राकृतिक माहौल के चलते वन भैंसों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है।


संरक्षण की पृष्ठभूमि

  • वर्ष 2017 में राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक में तय हुआ कि असम के मानस टाइगर रिजर्व से वन भैंसे लाकर छत्तीसगढ़ में बारनवापारा अभ्यारण्य में रखा जाए।
  • भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद वर्ष 2020 में 1 नर और 1 मादा वन भैंसा तथा वर्ष 2023 में 4 मादा वन भैंसे लाए गए।
  • इन्हें कोठारी परिक्षेत्र के अंतर्गत 10 हेक्टेयर के विशेष बाड़े में रखा गया।

जन्म से बढ़ी संख्या

  • वर्ष 2024 में खैरछापर स्थित संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र में मादा वन भैंसा “मानसी” ने एक नर बच्चे को जन्म दिया।
  • इसी वर्ष एक और मादा ने भी मादा बच्चे को जन्म दिया।
  • वर्ष 2025 में 2 मादा और 1 नर बच्चे का जन्म हुआ। हालांकि, इनमें से एक मादा बच्चे की आकस्मिक मृत्यु हो गई।
  • कुल मिलाकर, बारनवापारा में वन भैंसों की संख्या अब 10 हो चुकी है।

वन मंडलाधिकारी का बयान

“बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र वन भैंसों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और सुरक्षा प्रबंध इनके संवर्धन में सहायक बने हैं। संख्या में बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है।”
— वनमंडलाधिकारी, बारनवापारा


बारनवापारा अभ्यारण्य

  • स्थापना : 1972
  • स्थान : महासमुंद जिला, उत्तर छत्तीसगढ़
  • क्षेत्रफल : 245 वर्ग किमी
  • प्रमुख जीव : वन भैंसा, चीतल, नीलगाय, भालू, जंगली कुत्ते, तेंदुआ

राजकीय पशु : वन भैंसा

  • वैज्ञानिक नाम : Bubalus arnee
  • वैश्विक स्थिति : संकटग्रस्त (IUCN Red List)
  • छत्तीसगढ़ में संरक्षण का प्रतीक
  • विशाल सींग और ताकतवर शरीर इसकी पहचान

संख्या वृद्धि की उपलब्धि

  • 2020 → 2 (असम से लाए गए)
  • 2023 → 6 (नए भैंसों के साथ)
  • 2024 → 8 (जन्म से बढ़ी संख्या)
  • 2025 → 10 (नवजात शावकों के साथ)

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