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बोलेरो से पिता-पुत्र को रौंदा, 10 फीट दूर गिरे; मौके पर मौत, तीसरा बेटा गंभीर, खेत से मूंगफली खाने का विवाद खून से सना, जानिए क्या है पूरा मामला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


बिलासपुर, सूरजपुर (छत्तीसगढ़), 23 सितम्बर | विशेष संवाददातातिवरागुड़ी गांव में मूंगफली की फसल खाने के मामूली विवाद ने दो जिंदगियां निगल लीं। रिश्तेदारों के खेत की मूंगफली खाने के आरोप में शुरू हुआ झगड़ा देर रात खूनखराबे में बदल गया। आरोपियों ने बोलेरो गाड़ी से बाइक सवार पिता-पुत्र को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वे 10 फीट दूर जा गिरे और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना में परिवार का एक और बेटा गंभीर रूप से घायल है।


पूरा घटनाक्रम

  • शाम को शुरू हुआ विवाद
    त्रिवेणी रवि (41) का बेटा करण (16) खेत की मेड़ पर बैठा था। रिश्तेदार नर्मदा सोनवानी और उसके बेटे ने आरोप लगाया कि उसने मूंगफली खाई और उसकी पिटाई कर दी।
  • थाने तक पहुंचा मामला
    त्रिवेणी रवि और बेटा राजा बाबू (21) शिकायत लेकर थाने पहुंचे। यहां भी दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई।
  • रात 11 बजे वारदात
    पिता-पुत्र और करण बाइक से लौट रहे थे। नकना चौक के पास आरोपियों ने बोलेरो से बाइक को कुचल दिया।
  • मौत और चीख-पुकार
    त्रिवेणी और राजा बाबू की मौके पर ही मौत हो गई। करण गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती है।

पुलिस की कार्रवाई

रामानुजनगर पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश सोनवानी और उसके साथियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।


परिजनों का आरोप

  • पुलिस को पहले से जानकारी थी कि विवाद बढ़ रहा है।
  • शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई सुरक्षा नहीं दी गई।
  • आरोपियों ने जानबूझकर बोलेरो चढ़ाई, यह हादसा नहीं, साजिशन हत्या है।

मृतक: त्रिवेणी रवि (41), राजा बाबू (21)

  • घायल: करण रवि (16)
  • स्थान: तिवरागुड़ी, थाना रामानुजनगर, सूरजपुर
  • वाहन: बोलेरो (आरोपियों की)

कानून क्या कहता है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत यदि वाहन का उपयोग जानबूझकर हत्या के लिए किया गया है, तो आरोपी को मृत्युदंड या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। वहीं, धारा 307 (हत्या का प्रयास) व 34 (सामूहिक अपराध) भी लागू होंगी।

एक्सपर्ट व्यू

क्रिमिनोलॉजी विशेषज्ञ अजय शर्मा के मुताबिक, “इस तरह के मामले दर्शाते हैं कि ग्रामीण विवाद मामूली कारणों से हिंसक रूप ले रहे हैं। पुलिस की त्वरित सुलह और मध्यस्थता न होने पर छोटी कहासुनी खून-खराबे में बदल जाती है।”

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