Mohammed israil
बिलासपुर। लंबे संघर्ष और 33 दिनों तक जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद आखिरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों ने जीत का जश्न मनाते हुए काम पर वापसी कर ली है। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री श्री साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से सकारात्मक वार्ता के उपरांत कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित करने का ऐलान किया। शनिवार को जिले के 735 कर्मचारियों ने ढोल-बाजा, गुलाल और नृत्य के बीच ज्वाइनिंग दी।
मुख्यमंत्री ने 6 मांगों पर दी तत्काल स्वीकृति
वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों की ग्रेड पे सहित 6 मांगों को तत्काल स्वीकार करते हुए अधिकारियों को शीघ्र आदेश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति हेतु गठित कमेटी को 3 महीने में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। कर्मचारियों ने इस सकारात्मक पहल पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया।
हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप
18 अगस्त से जारी हड़ताल के चलते जिला अस्पताल, CIMS, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मानसिक चिकित्सालय समेत सभी सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई थीं। एनएचएम से जुड़े चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, सीएचओ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, डेटा मैनेजर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, वार्ड अटेंडेंट और अन्य संविदा कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे मरीजों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।
जुलूस और बाइक रैली के साथ जश्न
वार्ता सफल होने के बाद शनिवार को कर्मचारियों ने कोनहेर उद्यान में ढोल-बाजा बजाकर, गुलाल लगाकर और नाच-गाने के बीच जश्न मनाया। इसके बाद सभी कर्मचारियों ने बाइक रैली निकालकर सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने ज्वाइनिंग स्वीकार की।
संगठन की प्राथमिकता जनता का स्वास्थ्य : दुबे
संगठन के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा कि, “जनता का स्वास्थ्य और उनके हितों की रक्षा हमेशा से हमारी प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री महोदय ने मांगों पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं, इसलिए प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर कर्मचारियों ने काम पर वापसी की है।”
हड़ताल के कारण प्रभावित सेवाएं
- जिला अस्पताल और CIMS में ओपीडी एवं आपातकालीन सेवाएं बाधित
- 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद
- टीबी, एनसीडी, आरएमएनसीएच, एचआईवी/एड्स, एनआरसी, एसएनसीयू सहित प्रमुख योजनाओं की सेवाएं रुकीं
- मानसिक चिकित्सालय में परामर्श सेवाएं ठप
वार्ता में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मिशन संचालक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी
एनएचएम संघ से कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे, जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महामंत्री रितुराज शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
महिला विंग की सक्रिय भूमिका
अध्यक्ष अजीता पांडेय, डॉ. सिंड्रेला पाल, डॉ. सोनम अग्रवाल, शहनाज़, हेमा, लक्ष्मी, वर्षा, मोनिका, डॉ. नमिता, सुचित्रा, सिद्धि, इंदरसेनी, मनीषा, प्रभा पटेल, मंजुला यादव, कुसुम सिंह, मित्राणी चौधरी, सतरूपा, चंद्रेश, अनिता गौतम, रूपवती मरावी, सुमन चंद्रा, पूजा यादव, कुमुदनी सिंह, ममता ध्रुव समेत सभी महिला पदाधिकारी जश्न में शामिल रहीं।



