Mohammed israil
बिलासपुर। शराब के नशे में लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर अब यातायात पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में पिछले एक माह के भीतर 1200 शराबी और नशेड़ी चालकों को पकड़ा गया है। सभी प्रकरणों को माननीय न्यायालय भेजा गया है, जहां चालकों को लाखों रुपए जुर्माना भरना पड़ा। पुलिस अब ब्रीथ एनालाइजर (एल्कोमीटर) मशीन से मौके पर ही शराबियों का नशा उतरवा रही है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई




- शराबी चालकों की वाहनों की जब्ती।
- सभी प्रकरण कोर्ट भेजे गए।
- लाइसेंस निलंबन व निरस्तीकरण की प्रक्रिया आरटीओ ऑफिस को भेजी गई।
एल्कोमीटर कैसे काम करता है?
ब्रीथ एनालाइजर ड्राइवर की सांसों में मौजूद शराब की मात्रा कुछ सेकंड में माप देता है।
- मशीन से शराब का स्तर तुरंत सामने आता है।
- शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई।
अदालत में परिणाम
- कोर्ट ने शराबी चालकों पर 10,000 रुपये से अधिक तक का जुर्माना लगाया।
- एक माह में ही वसूले गए ₹1,14,90,000 (एक करोड़ चौदह लाख नब्बे हजार)।
शराबी ड्राइवर क्यों खतरनाक?
- क्लच, ब्रेक और एक्सीलेरेटर पर नियंत्रण खो बैठते हैं।
- सड़क का अंदाजा नहीं लग पाता।
- अन्य वाहन चालकों, राहगीरों और मवेशियों तक की जान खतरे में डालते हैं।
पुलिस की निगरानी
- आदतन शराबियों पर नज़र रखने यातायात मुखबिर तैनात।
- चिन्हित चालकों पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा रहे।
- ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को हिदायत – नशेड़ी चालकों से वाहन न चलवाएं।
समाज के लिए अपील
- वाहन चलाते समय कभी शराब न पिएं।
- यात्रियों से अनुरोध – नशेड़ी ड्राइवर के साथ सफर न करें।
- संदिग्ध स्थिति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।



