Mohammed israil
बिलासपुर,रतनपुर। सिद्ध शक्ति पीठ महामाया देवी मंदिर रतनपुर में रविवार, 07 सितंबर 2025 को श्रद्धालु दर्शन लाभ से वंचित रहेंगे। मंदिर ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि चंद्र ग्रहण के कारण आज दोपहर 12 बजे से मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
बताया गया है कि 07 सितंबर की रात 9 बजकर 57 मिनट से चंद्र ग्रहण लगेगा। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले से लागू हो जाता है। इस अवधि में मंदिरों में पूजा-पाठ, दर्शन व धार्मिक अनुष्ठान वर्जित माने जाते हैं। इसी परंपरा के अनुसार महामाया मंदिर में भी सभी धार्मिक गतिविधियाँ रोक दी जाएंगी।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मैनेजिंग ट्रस्टी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सूतक और ग्रहण काल का पालन करें तथा घर पर रहकर देवी महामाया का स्मरण व जप-ध्यान करें।
- ग्रहण का समय: 07 सितंबर 2025, रात 9:57 बजे से
- सूतक प्रारंभ: उसी दिन दोपहर 12 बजे से
- नियम: सूतक और ग्रहण काल में मंदिरों के पट बंद, पूजा-अर्चना निषिद्ध
- खुलेंगे पट: ग्रहण समाप्ति व शुद्धिकरण के बाद ही मंदिर खुलेगा
स्थानीय धर्माचार्य पंडित उमाशंकर दुबे का कहना है—“सूतक और ग्रहण काल को शास्त्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। इस दौरान देवी-देवताओं के मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और केवल नाम-स्मरण व मंत्र-जप करने की परंपरा है। ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान, शुद्धिकरण और पूजन-अर्चन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।”
👉 रतनपुर का महामाया मंदिर दक्षिण कोशल की आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां शारदीय नवरात्र में देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ग्रहण जैसे विशेष अवसरों पर मंदिर में शास्त्र सम्मत नियमों का पालन किया जाता है।



