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“वोट चोर – गद्दी छोड़” सभा की तैयारी में कांग्रेस की फुल फॉर्मेशन

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil

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सचिन पायलट की अगुवाई में बिलासपुर बनेगा प्रदेश की राजनीति का केंद्रबिलासपुर।9 सितंबर को होने जा रही कांग्रेस की बड़ी सभा “वोट चोर – गद्दी छोड़” से पहले बिलासपुर की राजनीति गरमा गई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की अगुवाई में यह सभा ग्रीन गार्डन मैदान (मुंगेली नाका) में आयोजित होगी।कांग्रेस ने इस आयोजन को लोकतंत्र बचाओ और वोट चोरी के खिलाफ निर्णायक जंग का मंच बना दिया है। सभा के मायने 07 सितंबर को होगी बैठकों की मैराथन 1 : बिलासपुर क्यों चुना गया?2 : सभा की जिम्मेदारीकांग्रेस नेताओं की भूमिका 3 : कांग्रेस की मौजूदा स्थिति – संभाग में 4 : सभा से संदेश क्या? राजनीतिक असर

सचिन पायलट की अगुवाई में बिलासपुर बनेगा प्रदेश की राजनीति का केंद्र

बिलासपुर।9 सितंबर को होने जा रही कांग्रेस की बड़ी सभा “वोट चोर – गद्दी छोड़” से पहले बिलासपुर की राजनीति गरमा गई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की अगुवाई में यह सभा ग्रीन गार्डन मैदान (मुंगेली नाका) में आयोजित होगी।कांग्रेस ने इस आयोजन को लोकतंत्र बचाओ और वोट चोरी के खिलाफ निर्णायक जंग का मंच बना दिया है।


सभा के मायने

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मतदाता की वोट चोरी हो रही है। यही वजह है कि राहुल गांधी का दिया नारा— “वोट चोर – गद्दी छोड़”—को राष्ट्रीय स्तर तक गूंजाने की तैयारी है।
इस कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश से लेकर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक कांग्रेसजन सक्रिय हो गए हैं।


07 सितंबर को होगी बैठकों की मैराथन

सभा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 07 सितंबर को कांग्रेस भवन और अन्य स्थानों पर लगातार बैठकें होंगी।

  • सुबह 11 बजे – शहर महिला कांग्रेस कमेटी की बैठक
  • दोपहर 1 बजे – पार्षद एवं पार्षद प्रत्याशियों की बैठक
  • दोपहर 2 बजे – जिला पंचायत सदस्यों की बैठक
  • शाम 5 बजे – युवा कांग्रेस और एनएसयूआई की बैठक

सभी बैठकों में राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव मौजूद रहेंगे।


1 : बिलासपुर क्यों चुना गया?

👉 बिलासपुर को छत्तीसगढ़ की राजनीति का मिनी हब कहा जाता है।
👉 यह संभाग न सिर्फ कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है, बल्कि भाजपा के लिए भी निर्णायक।
👉 कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यहां से उठी आवाज़ सीधे रायपुर और दिल्ली तक पहुंचती है।
👉 सचिन पायलट ने बिलासपुर को चुना, ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मैसेज मिले कि आने वाला संघर्ष यहीं से आकार लेगा।


2 : सभा की जिम्मेदारी

  • प्रदेश सचिव आशीष सिंह : मंच निर्माण, साउंड सिस्टम और सभा स्थल की व्यवस्था की जिम्मेदारी।
  • सुबह से ही अपनी टीम के साथ ग्रीन गार्डन मैदान में डटे रहे।
  • कांग्रेस ने यह साफ कर दिया कि सभा सिर्फ राजनीतिक जमावड़ा नहीं, बल्कि संगठन शक्ति प्रदर्शन होगी।

कांग्रेस नेताओं की भूमिका

सभा को सफल बनाने के लिए

  • ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी
  • शहर अध्यक्ष विजय पांडेय
  • विधायक अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया
  • पूर्व विधायक रश्मि सिंह, शैलेष पांडेय, सियाराम कौशिक
  • पूर्व महापौर रामशरण यादव, पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन
  • पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक
  • नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप सहित कई नेता लगातार सक्रिय हैं।

3 : कांग्रेस की मौजूदा स्थिति – संभाग में

  • कांग्रेस अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है, लेकिन इस सभा को एकजुटता का संदेश देने का मंच बनाया जा रहा है।
  • बिलासपुर संभाग में कांग्रेस का मजबूत कैडर बेस है, मगर भाजपा ने हाल के वर्षों में यहां अच्छी घुसपैठ बनाई है।
  • पार्टी के नेता मान रहे हैं कि लोकसभा में हार और विधानसभा में चुनौतियों के बाद अब जनता के बीच “लोकतंत्र बचाओ” का नारा लेकर उतरना जरूरी हो गया है।
  • यह सभा कांग्रेस के लिए जनता का मन टटोलने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की बड़ी परीक्षा होगी।

4 : सभा से संदेश क्या?

  1. वोट चोरी के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना।
  2. राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष को मजबूत करना।
  3. बिलासपुर को प्रदेश राजनीति की धुरी बनाना।
  4. कार्यकर्ताओं को यह भरोसा देना कि कांग्रेस सत्ता वापसी की तैयारी में जुटी है।

राजनीतिक असर

बिलासपुर में होने वाली यह सभा सिर्फ स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदेश कांग्रेस के लिए यह “लिटमस टेस्ट” साबित होगी।
👉 अगर भीड़ और जोश उम्मीदों के मुताबिक रहा तो पार्टी का मोराल बूस्ट होगा।
👉 लेकिन यदि संगठनात्मक एकजुटता न दिखी तो विपक्ष (भाजपा) इसे कांग्रेस की कमजोरी बताने से पीछे नहीं हटेगा।

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