Mohammed israil
बिलासपुर,रायपुर, 5 सितम्बर 2025।
रामगढ़ पर्वत को लेकर एक बार फिर सियासी जंग तेज हो गई है। पहले से ही विवादों के घेरे में रहे इस पर्वत पर अब भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पर्वत की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अन्य राजनीतिक दल जानबूझकर पर्वत के मुद्दे पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जनता को गुमराह करने की कोशिशों को रोकना अब ज़रूरी हो गया है। इसी कड़ी में यह समिति पर्वत स्थल का दौरा करेगी और तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपेगी।
समिति में शामिल सदस्य
- शिवरत्न शर्मा, पूर्व विधायक – संयोजक
- रेणुका सिंह, विधायक – सदस्य
- अखिलेश सोनी, प्रदेश महामंत्री भाजपा – सदस्य
पर्वत पर संकट की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इससे पहले भी रामगढ़ पर्वत पर संकट गहराने की खबरें सामने आई थीं। हमारी पूर्व रिपोर्ट में यह तथ्य प्रमुखता से रखा गया था कि –
- पर्वत पर लगातार अवैध खनन और खुदाई से इसका स्वरूप प्रभावित हो रहा है।
- सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर माने जाने वाले इस पर्वत पर पर्यावरणीय संकट मंडरा रहा है।
- स्थानीय लोग बार-बार प्रशासन और सरकार से संरक्षण की मांग उठा चुके हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।
राजनीतिक तकरार के केंद्र में रामगढ़ पर्वत
रामगढ़ पर्वत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस और अन्य दल जहां इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाते रहे हैं, वहीं अब बीजेपी ने सीधे समिति बनाकर अपने पाले में पहल कर ली है। पार्टी ने साफ कहा है कि झूठे प्रचार और भ्रामक सूचनाओं से जनता को बहकाने नहीं दिया जाएगा।
अब आगे क्या?
बीजेपी की समिति यदि रिपोर्ट में पर्वत पर संकट की पुष्टि करती है, तो निश्चित ही यह मुद्दा और गरमा जाएगा। सवाल यह भी उठेगा कि क्या केवल रिपोर्ट से समाधान निकलेगा या फिर सरकार को जमीनी स्तर पर कड़ा फैसला लेना होगा।



