00 सरकारी अस्पतालों में ठप स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रामीण क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बंद; आंदोलन को मिला कर्मचारियों-अधिकारियों का समर्थन
✍️mohammed israil
बिलासपुर, 05 सितम्बर 2025।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से हड़ताल पर डटे हुए हैं। शुक्रवार को जिले के 735 से अधिक कर्मचारियों ने अपने विरोध को अलग अंदाज में व्यक्त किया। बेरोजगारी का दर्द झेल रहे इन स्वास्थ्यकर्मियों ने सामूहिक राशि एकत्र कर “एनएचएम चाय दुकान, एनएचएम भेल सेंटर और एनएचएम गुपचुप ठेला” खोलकर सरकार को संदेश दिया कि वे अब रोज़गार की तलाश में सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।


हड़ताल के चलते जिला अस्पताल, CIMS, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ओपीडी, आपातकालीन सेवा, शल्यक्रिया सहित टीकाकरण, मलेरिया-टीबी, जन्म-मृत्यु पंजीयन और प्रसव जैसी बुनियादी सेवाएं भी ठप पड़ी हुई हैं।
आंदोलन को मिला समर्थन
एनएचएम कर्मचारियों के इस आंदोलन को विभिन्न संगठन खुला समर्थन दे रहे हैं। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र दवे, उपाध्यक्ष विनोद तिवारी, अरुण पांडेय, तथा बिलासपुर होम्योपैथिक चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. कमलेश केसर ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन जताया।
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा—
“नियमितीकरण तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सरकार अगर अब भी नहीं जागी तो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और बिगड़ेगी।”
हड़ताल का असर
- जिला चिकित्सालय, CIMS, सभी सीएचसी-पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह प्रभावित
- मलेरिया, टीबी, महामारी, टीकाकरण जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम बाधित
- ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद होने से मरीज भटक रहे
- सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त जैसी मौसमी बीमारियों का इलाज समय पर नहीं हो रहा
- मजबूरी में लोग निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे
सक्रिय पदाधिकारी व कर्मचारी
आज की हड़ताल में जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, सचिव प्रमोद पटेल, महामंत्री ऋतु राज शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, समेत संजय सिंह, सतीश चौहान, सोहन कुंभकार, यशपाल नेताम, सचिन कुमार, दीपक यादव, भरत लाल सेन सहित कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे।
महिला विंग से अध्यक्ष अजीता पांडेय, उपाध्यक्ष डॉ. सिंड्रेला पाल, सरोजनी करियारे, मंजुला यादव, सुमन शर्मा, कुसुम सिंह, रूपवती मरावी, प्रभा पटेल सहित कई महिलाएं सक्रिय रूप से मौजूद रहीं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग
- सभी संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- सेवा सुरक्षा और स्थायी नौकरी की गारंटी
जिले में प्रभावित सेवाएं
- 01 जिला चिकित्सालय
- 01 CIMS चिकित्सालय
- 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (ग्रामीण क्षेत्र)
आंदोलनकारियों की चेतावनी
“हम चुप नहीं बैठेंगे, सरकार को नींद से जगाना होगा। नियमितीकरण तक विरोध जारी रहेगा।”
— श्याम मोहन दुबे, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, एनएचएम संघ



