Mohammed israil
👉 जनरल कोच में चोरी, हथियार पार… जब सुरक्षाबल ही असुरक्षित तो आम जनता का क्या हाल?
बिलासपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस में सफर कर रहे आईटीबीपी के चार जवानों का बैग चोर ने पार कर दिया, जिसमें 2 पिस्टल, 26 कारतूस, 4 मैगजीन और 10 हजार रुपए थे। घटना के बाद जवानों ने जीआरपी को शिकायत दी, जिस पर आरपीएफ और जीआरपी जांच में जुटी। पर असली सवाल ये है कि जब ट्रेन में हथियार तक सुरक्षित नहीं तो यात्रियों का सामान कैसे सुरक्षित रहेगा?


बुधवार सुबह 5 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस (08185 स्पेशल) के जनरल कोच डी-2 में आईटीबीपी के 40वीं बटालियन के चार जवान सफर कर रहे थे। इनमें हेड कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह और एएसआई योगेन्द्र प्रसाद ओझा ने अपने हथियार और कारतूस बैग में रखे थे। बैग को लोअर बर्थ के नीचे रखा गया था।
रात करीब 3 बजे तक जवानों ने बैग देखा, लेकिन भाटापारा स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद बैग गायब मिला। रायपुर पहुंचने पर जवानों ने जीआरपी-आरपीएफ से शिकायत दर्ज कराई।
जवानों ने बताया कि वे रांची से दुर्ग तक सफर कर रहे थे और आगे की ड्यूटी डोंगरगढ़ व प्रयागराज में लगाई गई थी। चोरी की घटना ने रेल सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
हथियार तक ट्रेन में सुरक्षित नहीं, फिर यात्रियों की जान का क्या होगा?
दो जवान सस्पेंड
घटना की जानकारी मिलते ही आईटीबीपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार और एएसआई योगेन्द्र प्रसाद को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया।
सवाल नंबर 1 – ट्रेन में सुरक्षा कहां है?
अगर जवानों के हथियार तक चोरी हो सकते हैं तो यात्रियों के कीमती सामान का क्या होगा?
- रेलवे में तैनात आरपीएफ और जीआरपी की जिम्मेदारी कहां है?
- हर कोच में पैसेंजर की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं?
सवाल नंबर 2 – हथियार चोरों के हाथ में तो खतरा और बड़ा
- 2 पिस्टल और 26 कारतूस गलत हाथों में जाने से गंभीर अपराध हो सकते हैं।
- हथियारों का इस्तेमाल नक्सल या आपराधिक घटनाओं में हो सकता है।
- रेलवे और खुफिया एजेंसियों के लिए ये मामला बड़ी चुनौती।
पिछले मामलों की याद
- रायपुर-नागपुर ट्रेन में लगातार चेन स्नैचिंग और बैग चोरी की वारदातें।
- बिलासपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस में महिला यात्रियों से सामान छीना गया।
- अब हथियार चोरी जैसी घटना रेलवे की सुरक्षा पर सबसे बड़ा धब्बा।
एक्शन
अब जरूरी है सख्त कदम!
- रेलवे कोच में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं।
- आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त पेट्रोलिंग हर ट्रेन में हो।
- जवानों और यात्रियों को सुरक्षा गाइडलाइन का पालन अनिवार्य कराया जाए।
- हथियार चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित हो।
- यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई।



