Mohammed israil
नाले-नालियों की सफाई नहीं, पानी निकासी ठप… ट्रांसफार्मर फेल, लोग रातभर अंधेरे में तड़पते रहे
बिलासपुर। स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले बिलासपुर की हकीकत एक बारिश ने उजागर कर दी। सरकंडा जोरापुरा समेत आसपास के इलाकों में बरसात का पानी घरों में घुस गया। पूरी रात लोग पानी में डूबे रहे और बिजली गुल रहने से अंधेरे में तड़पते रहे। सवाल यह है कि आखिर नगर निगम और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कहां हैं? क्या स्मार्ट सिटी केवल कागज़ों में है और जनता भगवान भरोसे?




सोमवार शाम से लगातार हुई बारिश ने सरकंडा क्षेत्र का हाल बेहाल कर दिया। जोरापुरा, मसंगंज और आसपास के इलाकों में पानी भर गया। लोगों का कहना है कि आज तक ऐसी स्थिति नहीं बनी थी। नाले-नालियों की सफाई नहीं होने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से पूरा इलाका जलमग्न हो गया।
स्थिति इतनी गंभीर रही कि कई घरों में पानी भर गया और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा। दूसरी तरफ इलाके के कई ट्रांसफार्मर फेल हो गए, जिससे पूरी रात लोग अंधेरे में रहे।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग पूरी तरह से लापरवाह और अनकंट्रोल्ड हो चुका है। 15 घंटे तक बिजली बंद रही, लेकिन न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही कोई समाधान निकाला गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अधिकारी और ठेकेदार जनता की परेशानी से बेखबर हैं और केवल “खाओ-पियो योजना” चला रहे हैं।
स्मार्ट सिटी या मजाक? जनता त्राहिमाम, नेता-बाबू कुंभकर्णी नींद में!
बारिश में पहले भी डूबा इलाका
- 2022 और 2023 में भी सरकंडा क्षेत्र में पानी भरने की शिकायतें हुई थीं।
- हर बार जिम्मेदार विभाग आश्वासन देता है, लेकिन ठोस व्यवस्था अब तक नहीं।
- नाले-नालियों की सफाई केवल कागजों में, जमीनी हकीकत शून्य।
बिजली विभाग पर सवाल
- 6 बजे शाम से लाइट गुल, पूरी रात अंधेरे में शहर।
- ट्रांसफार्मर फेल होने पर मरम्मत टीम मौके पर नहीं पहुंची।
- शिकायत करने पर अधिकारी “फालतू नजरें” फेर लेते हैं।
- नए-नए इंजीनियर आए हैं, पुराने अनुभवी अफसरों का ट्रांसफर कर दिया गया।
जनता का दर्द
- बीमार मरीज अंधेरे में तड़पते रहे।
- नहाने-पीने तक के लिए पानी नहीं मिला।
- महिलाएं और बच्चे पूरी रात बेचैनी में रहे।
- लोग मजबूरी में “भगवान भरोसे” जी रहे हैं।
अब जरूरी है कठोर कदम!
- नाले-नालियों की तुरंत सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था।
- हर वार्ड में आपातकालीन बिजली मरम्मत टीम की तैनाती।
- ठेकेदारी प्रथा खत्म कर जवाबदेही तय हो।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का सोशल ऑडिट कराया जाए।
- हर मानसून से पहले अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स हो।
👉 यह तस्वीर साफ बताती है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर जनता को केवल सब्जबाग दिखाया गया है, हकीकत में हालात पहले से बदतर हैं।
मोहम्मद इसराइल



