Mohammed israil
बिलासपुर। लैंगिक अपराधों पर अंकुश और छात्राओं को कानूनी सशक्तिकरण देने के उद्देश्य से शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज कोनी में शनिवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को POSH Act 2013 (Prevention of Sexual Harassment at Workplace Act) के अंतर्गत मिलने वाले अधिकारों और शिकायत निवारण तंत्र की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस जिले में महिला एवं बालिकाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी कोनी राहुल तिवारी के नेतृत्व में कॉलेज में यह चेतना कार्यक्रम रखा गया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा कुमार, IPS (पुलिस अधीक्षक, वायरलेस, बिलासपुर) रहीं। उन्होंने छात्राओं को POSH एक्ट 2013 के कानूनी प्रावधानों, कार्यस्थल पर आंतरिक परिवाद समिति (ICC) की भूमिका और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि— “कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पर अब जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है। प्रत्येक छात्रा और महिला कर्मचारी को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।”
प्रश्नोत्तर सत्र और सहभागिता
कार्यक्रम में इंटरएक्टिव सत्र भी हुआ, जिसमें छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे और अधिकारियों ने समाधान दिया। छात्राओं को कार्यस्थल पर उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्र के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस दौरान 120 छात्राएं और कॉलेज के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लेक्चरर मनोरमा साहू ने किया और आभार प्रदर्शन प्रभारी प्राचार्य द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की झलक
- स्थान : शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, कोनी
- तिथि व समय : 30 अगस्त 2025, दोपहर 1 से 2 बजे
- मुख्य अतिथि : पूजा कुमार (IPS), पुलिस अधीक्षक वायरलेस, बिलासपुर
- आयोजन : थाना कोनी पुलिस
- उपस्थिति : 120 छात्राएं, अधिकारी व कर्मचारी
- संचालन : मनोरमा साहू (लेक्चरर)
- आभार प्रदर्शन : प्रभारी प्राचार्य
POSH Act 2013 क्या है?
- संसद द्वारा पारित Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- हर संस्था में Internal Complaints Committee (ICC) का गठन अनिवार्य है।
- शिकायत दर्ज होने पर समिति को तय समय सीमा में जांच कर कार्रवाई करनी होती है।
- इस कानून का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और भेदभाव-रहित कार्यस्थल उपलब्ध कराना है।

👉 यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए न केवल जानकारीपूर्ण साबित हुआ बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति सजगता भी लेकर आया।



