Mohammed israil
👉 1 करोड़ मुआवजा, पत्नी को नौकरी और बच्चे की शिक्षा की तीन सूत्रीय मांग

बिलासपुर, 29 अगस्त 2025 |
बिना सुरक्षा उपायों के काम कराने और इलाज में लापरवाही से 23 अगस्त को हुई ठेका कर्मी प्रताप बर्मन की मौत का मामला गरमा गया है। परिजनों व बहुजन समाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय के सामने मोर्चा खोल दिया है। पिछले 48 घंटे से धरने पर बैठे लोग “डीआरएम हाय-हाय” और “मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे हैं।
🔴 प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
- मृतक परिवार को ₹1 करोड़ नकद मुआवजा
- मृतक की पत्नी को नौकरी
- मृतक के बच्चे की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी
(भीम आर्मी और बहुजन समाज पार्टी कार्यकर्ता खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं—अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र होगा।)
घटना कैसे हुई – FACT BOX
बिंदु जानकारी तारीख 23 अगस्त 2025 स्थान रेल मरम्मत कार्य – ट्रेन के ऊपर हादसा सुरक्षा किट बिना चढ़ाया गया, झुलसकर घायल इलाज में आरोप समय पर सुविधा न मिलने से मौत शव की स्थिति परिजन और बहुजन समाज प्रदर्शन स्थल पर शव लेकर डटे
हाईकोर्ट भी नाराज़
- रायपुर हाईकोर्ट ने इस घटना पर रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई।
- कोर्ट ने कहा – “सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।”
- जांच और जवाबदेही तय करने पर बल।
✍️ धरना स्थल से रिपोर्ट
- महिलाएं और युवा भोजन भंडारा चलाकर धरनास्थल पर टिके हैं।
- पुलिस और रेलवे अधिकारी लगातार समझाइश दे रहे हैं।
- परिजन का साफ कहना है कि आश्वासन मिलने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
🚨 प्रदर्शनकारियों का अल्टीमेटम
👉 “मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र करेंगे, रेल प्रशासन जिम्मेदार होगा।”
📊 घटनाक्रम एक नज़र में
- 23 अगस्त – ठेका कर्मी प्रताप बर्मन हादसे का शिकार।
- 24 अगस्त – इलाज के दौरान मौत।
- 25-26 अगस्त – बहुजन समाज और परिजन ने धरना शुरू किया।
- 27 अगस्त – हाईकोर्ट की नाराज़गी सामने आई।
- 28-29 अगस्त – शव के साथ डीआरएम कार्यालय के सामने धरना जारी।



