Mohammed israil
बिलासपुर,रायपुर, 25 अगस्त 2025 । बिलासपुर के शासकीय सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) के बीच एक ऐतिहासिक Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के ज़रिए अब बिलासपुर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान से प्रशिक्षण एवं आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का लाभ मिलेगा। एम्स की कार्यप्रणाली को अपनाते हुए बिलासपुर में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दिशा में यह कदम प्रदेशवासियों को अपने जिले में ही बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक जिंदल ने भरोसा दिलाया कि एम्स बिलासपुर के चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्टाफ को क्लीनिकल ट्रेनिंग, संकाय आदान-प्रदान, सहयोगी शोध, टेलीमेडिसिन सेवाएं और बहु-केंद्रीय अध्ययनों में हर संभव समर्थन देगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
एम्स रायपुर से रिसर्च विभाग के अधिष्ठाता डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता डॉ. एकता खंडेलवाल, अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता, और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल बिलासपुर से डॉक्टर बीपी सिंह, प्रो. डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. अभिषेक कुमार मौजूद रहे।
“एमओयू से मिलने वाले लाभ”
लाभविवरणट्रेनिंग एवं कौशल विकास बिलासपुर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स जैसे संस्थान से आधुनिक क्लीनिकल ट्रेनिंग प्राप्त होगी, जिससे उनकी उपचार क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी। उन्नत चिकित्सा तकनीकों का उपयोग टेलीमेडिसिन, बहु-केंद्रीय शोध सहयोग और आधुनिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से स्थानीय नियमों में सुधार होगा। जिला स्तर पर उच्च-स्तरीय सेवा मरीजों को बड़े शहरों का रुख किए बिना ही सुपर-स्पेशियलिटी इलाज का लाभ स्थानीय अस्पताल में मिलेगा—समय, यात्रा और खर्च में बचत होगी। शोध एवं नवाचार को बढ़ावा एम्स के साथ संकाय आदान-प्रदान और सहयोगी शोध से बिलासपुर अस्पताल में क्लिनिकल रिसर्च की संभावनाएं उजागर होंगी। राज्य स्वास्थ्य लक्ष्य में योगदान इस मील का पत्थर समझौते से जन-स्वास्थ्य नेटवर्क सुदृढ़ होगा और मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री की दृष्टि में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



