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नशे के सौदागरों पर बिलासपुर पुलिस का वार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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फर्जी सेना आईडी से छिपाना चाहा राज, 21 किलो गांजा के साथ यूपी के दो तस्कर गिरफ्तार


Mohammed israil

बिलासपुर। राजधानी पुलिस ने नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को दबोच लिया। ये तस्कर उत्तर प्रदेश से गांजा लेकर आए थे और बिलासपुर में खपाने की तैयारी कर रहे थे। पकड़े गए आरोपी फर्जी पहचान पत्र का सहारा लेकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू टीम की सतर्कता के आगे उनका खेल खत्म हो गया।

गिरफ्तार आरोपी –

  1. रूपेश सिंह (25 वर्ष) – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
  2. विनोद कुमार सिंह (38 वर्ष) – प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश

📦 जब्ती

  • 21 किलो 100 ग्राम गांजा
  • मोबाइल फोन
  • फर्जी सेना आईडी कार्ड
  • ट्रेन टिकट (फर्जी आईडी से बुक)

🔎 फर्जी आईडी का इस्तेमाल

कार्रवाई के दौरान आरोपी रूपेश सिंह ने भारतीय सेना का पहचान पत्र दिखाकर खुद को सैनिक बताने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ और सतर्कता से पता चला कि आईडी पूरी तरह फर्जी है। जांच में यह भी सामने आया कि इसी फर्जी आईडी से ट्रेन टिकट भी बुक कर यात्रा की गई थी। इस आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ बीएनएस की कूट रचना संबंधी धाराएं भी जोड़ी हैं।


पुलिस की रणनीति

  • एसएसपी रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
  • थाना सिविल लाइन और एसीसीयू टीम ने उसलापुर रेलवे स्टेशन पर संदिग्धों की गतिविधियों की सूचना पर घेराबंदी की।
  • दोनों आरोपियों को पुलिस देखकर भागते समय धर दबोचा गया।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई

  • तारीख – 24 अगस्त 2025
  • स्थान – उसलापुर रेलवे स्टेशन, बिलासपुर
  • परिणाम – 21 किलो गांजा बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
  • अगला कदम – पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क और अन्य सदस्यों की तलाश

एसएसपी ने दी बधाई

इस सफल कार्रवाई की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सराहना की और एसीसीयू व थाना सिविल लाइन टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की। एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि बिलासपुर पुलिस नशे के कारोबार और इसके संगठित नेटवर्क के खिलाफ पूरी तरह सख्त है और आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


👉 पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और किसे आपूर्ति होना था। जल्द ही इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्य भी गिरफ्त में आ सकते हैं।


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