Mohammed israil
बिलासपुर। नगर निगम क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद गायत्री साहू और उनके पति, तिफरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी। इस कार्रवाई से साहू समाज में रोष फैल गया है। जिला साहू संघ ने इसे जनप्रतिनिधि के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला करार दिया और कड़ी निंदा की है।


संघ का बयान
जिला साहू संघ के महामंत्री पप्पू साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर आवाज़ उठाना, धरना-प्रदर्शन करना निर्वाचित जनप्रतिनिधि का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में महिला पार्षद पर एफआईआर किया जाना अन्यायपूर्ण और समाज का अपमान है।
क्या हुआ था नगर निगम में?
- वार्ड क्रमांक-5 सहित कई वार्डों में पानी की किल्लत, सड़कों की मरम्मत और नालियों की सफाई की समस्या को लेकर दर्जनों लोग निगम कार्यालय पहुँचे।
- पार्षद गायत्री साहू ने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
- नागरिकों ने कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी नल जल योजना और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो रही।
- प्रदर्शन के दौरान नारेबाज़ी हुई और निगम कार्यालय के बाहर सड़क जाम की स्थिति बनी।
- अधिकारियों ने बाद में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पार्षद और उनके पति पर शांति भंग और अव्यवस्था फैलाने का केस दर्ज किया गया।
प्रशासन का पक्ष
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम और कार्यालय में कामकाज प्रभावित होने की शिकायतें आई थीं। इसी आधार पर पार्षद और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जिला साहू संघ ने उठाए सवाल
- क्या जनता की समस्याओं पर आवाज़ उठाना अपराध है?
- महिला पार्षद को निशाना बनाना समाज का अपमान क्यों न माना जाए?
- बहुसंख्यक साहू समाज की प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई का औचित्य क्या है?
आगे की रणनीति
जिला साहू संघ ने घोषणा की है कि इस प्रकरण को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव से प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा और पार्षद के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग रखेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो जिला स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।



