Mohammed israil
बिलासपुर,रायपुर। विष्णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले एक साल से चल रहा “चोर–पुलिस का खेल” अब फाइनल दौर में पहुंचता दिख रहा है। मीडिया में नामों की पर्चियां लगातार उछल रही हैं और हर नया नाम आते ही दावेदारों के खेमे में हलचल मच रही है—“मैं मंत्री बन गया” की फुसफुसाहट ने सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की 22 अगस्त से प्रस्तावित विदेश यात्रा से पहले ही कैबिनेट विस्तार निपटाने की तैयारी है। वर्तमान में 11 मंत्री हैं और संवैधानिक सीमा 14 है, यानी 3 नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना है। मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
कौन हैं रेस में?
- अमर अग्रवाल (बिलासपुर) – तीन बार मंत्री रह चुके, सीनियरिटी और अनुभव बड़ा हथियार।
- अजय चन्द्राकर (रायपुर क्षेत्र) – पूर्व मंत्री, राजधानी बैलेंस मजबूत।
- गजेन्द्र यादव (दुर्ग) – युवा और संगठन के करीबी।
- नीलकंठ टेकाम (सरगुजा) – आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व।
- राजेश मूणत (रायपुर) – पूर्व मंत्री, राजधानी प्रतिनिधित्व की मांग।
- संपत, भवना, चैतराम अटामी जैसे नए चेहरे – “वन सीनियर + टू न्यू” फार्मूले में चर्चा।
- साथ ही व्यापारी वर्ग से गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल और अन्य जिलों से किरण देव, पुरंदर मिश्रा के नाम भी तैर रहे हैं।
1 साल से कैसे टलता रहा विस्तार?
- अगस्त 2024 – विधानसभा चुनाव के बाद से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज, लेकिन हाईकमान की मुहर न मिलने से टल गया।
- अक्टूबर 2024 – लोकसभा टिकटों को लेकर खींचतान; विस्तार का मुद्दा फिर पीछे चला गया।
- जनवरी 2025 – बजट सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व से कोई हरी झंडी नहीं।
- अप्रैल 2025 – लोकसभा चुनाव के बीच मंत्री बनाने की अटकलें फिर तेज, लेकिन चुनावी व्यस्तता से फाइल ठंडी।
- जुलाई 2025 – बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने से एक सीट खाली, पर विस्तार फिर स्थगित।
- अगस्त 2025 – सीएम की विदेश यात्रा से पहले विस्तार की तैयारी, अब “फाइनल काउंटडाउन” में।
राजनीतिक गणित
राजधानी रायपुर–दुर्ग बेल्ट से चेहरों को प्राथमिकता देने की चर्चा है। एक सीट वैश्य/व्यापारी वर्ग को देने और दो सीट संगठन–सरकार तालमेल के तहत तय करने के संकेत हैं।
आगे क्या?
आज की कैबिनेट बैठक और उसके बाद का घटनाक्रम अहम। संकेत मिल रहे हैं कि 21 अगस्त से पहले शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
👉 अब देखना यह है कि किसके नाम की “पर्ची” असली शपथ तक पहुंचती है और कौन सिर्फ इंतजार करता रह जाता है।



