मोहम्मद इसराइल
रतनपुर (जिला बिलासपुर)।
मोबाइल की लत कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका दिल दहला देने वाला उदाहरण रतनपुर में सामने आया है। यहां एक 19 वर्षीय युवक ने केवल मोबाइल पाने के लिए अपने ही नाबालिग दोस्त की गला घोंटकर हत्या कर दी। रतनपुर पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, प्रार्थी धनंजय सूर्यवंशी ने 1 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका नाबालिग भतीजा 31 जुलाई की शाम 4:30 बजे घर से बिना बताए मोबाइल लेकर कहीं चला गया और वापस नहीं लौटा। रिपोर्ट पर थाना रतनपुर में अपहरण का मामला दर्ज किया गया और लगातार तलाश शुरू हुई।
थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार चौहान के नेतृत्व में गठित टीम ने टेक्निकल इंटेलिजेंस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गुमशुदा की खोज की। जांच के दौरान बच्चे का शव ग्राम भरारी के एक बंद पड़े स्कूल के कमरे में मिला।
पुलिस ने मृतक के दोस्तों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी छत्रपाल सूर्यवंशी (19 वर्ष, निवासी भरारी, थाना रतनपुर) की नजर मृतक के मोबाइल पर थी। संदेही को पकड़ा गया और कड़ाई से पूछताछ में उसने कबूल किया कि गेम खेलने के लिए मोबाइल न मिलने से उसने दोस्त से मोबाइल छीनने की योजना बनाई और विरोध करने पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना का सिलसिला
31 जुलाई की शाम चिन्मय अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। तब से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को सुराग मिला। अंततः गुरुवार को गांव के ही सालों से बंद पड़े प्राथमिक स्कूल संकुल भवन (2016 से बंद) के पीछे झाड़ियों में चिन्मय का शव मिला।
पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए रतनपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजा। मौके पर एफएसएल की टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इस दौरान गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल देखा गया।
एडिशनल एसपी अर्चना झा ने बताया कि मृतक चिन्मय और आरोपी छत्रपाल दोनों को मोबाइल गेम की लत थी। छत्रपाल का मोबाइल उसके परिजनों ने छीन लिया था। चिन्मय अक्सर अपने मोबाइल पर गेम खेला करता था। इसी वजह से आरोपी ने उससे मोबाइल मांगा, लेकिन चिन्मय ने इनकार कर दिया। इस पर छत्रपाल ने गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छत्रपाल पर पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ महीने पहले उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के ही दिनेश सूर्यवंशी से मारपीट की थी। इसके अलावा रुपए लेन-देन को लेकर भी उसका विवाद सामने आ चुका है।
मोबाइल की लत बन रही खतरनाक बीमारी
- छत्तीसगढ़ में मोबाइल की लत अब किशोरों और युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है।
- ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया की दीवानगी के चलते कई बच्चे अपराध करने से भी नहीं हिचकते।
- बीते दो सालों में बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जिलों में मोबाइल चोरी और लूट को लेकर दर्जनों अपराध सामने आ चुके हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों की निगरानी और बच्चों के डिजिटल समय पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
- मनोवैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि लगातार स्क्रीन पर रहने से बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति और अधीरता बढ़ती है।
पुलिस टीम का योगदान:
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार चौहान, उपनिरीक्षक मेलाराम कठौतिया, कमलेश बंजारे, प्र.आर. बलदेव सिंह, आरक्षक देवानंद चंद्राकर, आकाश डोंगरे, धनराज कुम्भकार का विशेष योगदान रहा।



