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छत्तीसगढ़ के भटगांव अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की शर्मनाक लापरवाही – फर्श पर बच्चे को जन्म देने को मजबूर हुई महिला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


छत्तीसगढ़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और दर्दनाक तस्वीर – रोज खुल रहा है कड़वा सच

भटगांव (सूरजपुर)। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की बदइंतजामी का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। शनिवार को सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में एक गरीब महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान चार घंटे तक तड़पते रहना पड़ा, लेकिन अस्पताल में एक भी डॉक्टर, नर्स या वार्ड ब्वॉय मौजूद नहीं था। मजबूरी में महिला ने अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया और दर्द झेलते हुए खुद ही फर्श को साफ भी किया।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अपनी सास के साथ प्रसव कराने के लिए भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। अस्पताल पहुंचने के बाद घंटों इंतजार करने पर भी कोई चिकित्सा कर्मचारी नहीं आया। इस दौरान भटगांव निवासी जितेंद्र जायसवाल भी अपने परिचित को रेबीज का इंजेक्शन दिलाने पहुंचे, लेकिन वहां भी कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं मिला।

यह घटना न केवल स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में रोजाना सामने आ रही लापरवाहियों की एक और कड़ी है। प्रदेश में आए दिन हो रहे ऐसे मामलों ने गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की जान को जोखिम में डाल दिया है।


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भटगांव अस्पताल की यह घटना आपके विभाग की व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करती है। जहां महिला को चार घंटे तक पीड़ा में तड़पना पड़ा और आखिरकार फर्श पर प्रसव करना पड़ा — यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि अमानवीयता है।अब समय है कि ऐसे मामलों पर सिर्फ ‘जांच’ का आश्वासन नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो।


पिछले 6 महीनों में स्वास्थ्य विभाग की 5 बड़ी लापरवाहियां

1 – रायगढ़ सिलेंडर ब्लास्ट पीड़ित का इलाज टालना
रायगढ़ में गैस सिलेंडर ब्लास्ट में घायल महिला को जिला अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही की खुली मिसाल।

2 – बरदुली स्कूल हादसे के घायल बच्चों को देर से पहुंची एंबुलेंस
बरदुली स्कूल में छत गिरने से कई बच्चे घायल हुए, लेकिन एंबुलेंस आधे घंटे बाद पहुंची। प्राथमिक इलाज में भी देरी हुई।

3 – कोरबा में नवजात की मौत
कोरबा में नवजात शिशु की मौत इसलिए हुई क्योंकि प्रसव के समय डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे और नर्स ने समय पर रिफरल नहीं किया।

4 – कोंडागांव कैंसर मरीज का इलाज अटकना
कोंडागांव के कैंसर पीड़ित को रायपुर रेफर करने के बाद भी 48 घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।

5 – बिलासपुर में गर्भवती महिला की सड़क पर मौत
बिलासपुर में गर्भवती महिला को गांव से अस्पताल ले जाने के लिए समय पर वाहन नहीं मिला। प्रसव के दौरान उसकी और बच्चे की मौत हो गई।


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