

Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच लोक निर्माण विभाग ने बड़ी पहल की है। राज्य सरकार ने दिसंबर 2023 से 31 जुलाई 2025 तक 4492 करोड़ रुपये की लागत से 617 नई सड़कें, 91 पुल और 7 लोक निर्माण भवनों के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग ने बीते डेढ़ वर्षों के भीतर राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच 4492 करोड़ रुपये की लागत से कुल 715 निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 617 सड़कें, 91 पुल और 7 भवन शामिल हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार—
- वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिसंबर 2023 से मार्च 2024) के दौरान 551 करोड़ रुपये की लागत से 72 सड़कें, 6 पुल और 2 लोक निर्माण भवन
- वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ रुपये की लागत से 400 सड़कें, 37 पुल और 1 भवन
- वर्ष 2025-26 (31 जुलाई 2025 तक) में 1350 करोड़ रुपये से 145 सड़कें, 48 पुल और 6 भवन स्वीकृत किए गए हैं।
इन कार्यों के जरिए प्रदेश के भीतर आवागमन को सुगम बनाने, ट्रैफिक का दबाव कम करने और ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मुंगेली जिले को मिली खास प्राथमिकता
मुंगेली जिले में दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच कुल 363 करोड़ रुपये के 82 कार्यों को मंजूरी दी गई है।
- वर्ष 2023-24 में 59 करोड़ के 11 कार्य
- वर्ष 2024-25 में 242 करोड़ के 55 कार्य
- वर्ष 2025-26 में 61 करोड़ रुपये के 16 कार्य शामिल हैं।
प्रमुख अभियंता को 50 लाख तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार
वित्तीय निर्देशों के तहत प्रमुख अभियंता को 50 लाख रुपये तक के एकल कार्यों की स्वीकृति का अधिकार है। इसी अधिकार के अंतर्गत दो कार्यों के लिए 81.16 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिसमें कुल 0.95 किमी मार्ग का निर्माण शामिल है।
आर.टी.आई. के तहत मांगी गई जानकारी में केवल उन्हीं दो कार्यों का विवरण दिया गया है जिनकी स्वीकृति प्रमुख अभियंता स्तर से हुई थी, जबकि शासन स्तर से स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी नहीं मांगी गई थी।
जनता के लिए पारदर्शिता का माध्यम बना विभागीय पोर्टल
लोक निर्माण विभाग की सभी गतिविधियों और स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी विभाग के पोर्टल https://pwd.cg.nic.in/ पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। रिपोर्ट खंड में वर्षवार और कार्यवार स्वीकृत योजनाओं को देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही बजट, एस.ओ.आर., ई-पंजीयन जैसी तमाम जानकारियां भी आम जनता के लिए खुली हैं।
जर्जर और खराब सड़कों को लेकर है नाराजगी
छत्तीसगढ़ में लंबे समय से खराब सड़कों और अव्यवस्थित यातायात को लेकर आलोचना हो रही थी। लेकिन अब इन योजनाओं के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को नया रूप देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
रायपुर : मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकात
स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले मार्ग बनेंगे फोर लेन
रायपुर के चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ हुआ है।
इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।
रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए भेजी जाएंगी, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर (आरंग)-बिलासपुर (दर्री) के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर भेजने को कहा, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किमी लंबा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी शीघ्र डीपीआर मांगा गया है।
इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है।
इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
वहीं, इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यो की वित्तीय स्वीकृति को भी शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।




