बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130) एक बार फिर निर्दोष जीवों की कब्रगाह बन गया। रविवार देर रात करीब 2 बजे, कराड गांव के पास एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क किनारे बैठे 26 गायों को बेरहमी से कुचल दिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि सभी मवेशियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। इस भीषण घटना ने न सिर्फ लोगों को झकझोर दिया, बल्कि प्रशासन और नगर निकायों की लापरवाही पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
➡️ हादसे की भयावह तस्वीरें: मौके पर मवेशियों के क्षत-विक्षत शव


घटनास्थल पर बिखरे मवेशियों के शवों को देखकर ग्रामीणों और राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात में कई मवेशी सड़क किनारे बैठ जाते हैं, लेकिन तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही से लगातार इस तरह के हादसे हो रहे हैं। प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही भी इन घटनाओं के लिए कम जिम्मेदार नहीं मानी जा रही।
बिल्हा एसडीएम बजरंग वर्मा पहुंचे मौके पर, कार्रवाई का दिया आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही बिल्हा एसडीएम बजरंग वर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत मवेशियों को हटवाने की व्यवस्था कराई। वहां मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए उन्होंने हादसे पर दुख जताया और दोषी वाहन चालक की तलाश का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों में गहरी नाराजगी थी, जिसे शांत करने के लिए एसडीएम ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मवेशियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए स्थानीय निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।


📍पिछली घटनाएं जो सवाल खड़े करती हैं:
- रतनपुर में एक दर्जन से अधिक गायों की मौत 2025
- चांटीडीह हादसा (नवम्बर 2024): सड़क पर बैठे मवेशियों को कार ने कुचला, 5 की मौके पर मौत।
- पेंड्रा में ट्रक से टक्कर (जनवरी 2025): ट्रक की टक्कर से सड़क पर बैठे 9 मवेशियों की मौत।
- सरगुजा क्षेत्र (2024-25 में 14 घटनाएं): जिनमें अब तक 80 से अधिक मवेशी मौत के शिकार हो चुके हैं।
📌 1 साल में मवेशियों की मौत के आंकड़े (छत्तीसगढ़):
(बॉक्स में अलग से दें) क्षेत्र घटनाएं मृत मवेशी प्रमुख कारण बिलासपुर 6 54 तेज रफ्तार वाहन, लापरवाही रायपुर 4 38 लावारिस मवेशी, ट्रैफिक लोड कोरबा 3 22 अंधेरा व साइन बोर्ड की कमी रायगढ़ 2 16 ट्रक एक्सीडेंट सरगुजा 5 80+ सड़क पर खुले मवेशी
🔎 प्रशासन की भूमिका पर सवाल:
यह घटना एक बार फिर से नगरीय निकाय, पशु पालन विभाग और राजस्व विभाग की निष्क्रियता को उजागर करती है। न गाय-वंश को सुरक्षित रखने की कोई ठोस योजना है, न ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऐसे हादसों को रोकने के उपाय। न तो नगर निगम नियमित रूप से आवारा मवेशियों की पकड़-धकड़ कर रहा है, न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।
👥 लोगों का गुस्सा और मांगें:
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इस हादसे के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए, तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने, सड़क किनारे पशु आश्रय केंद्र विकसित करने और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है।
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