
🌧️ कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश
⚠️ बिजली गिरने की संभावना
📊 साल 2025 बनाम पिछले 10 साल
वर्ष (जून–जुलाई) छत्तीसगढ़ औसत बारिश (१४‑२०२५ तक) पिछले 10 साल का औसत बारिश 2025 विशेष ध्यान: जांजगीर‑चांपा, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़ जैसे जिलों में सदी की भारी बारिश का रिकॉर्ड टूटने की संभावना

🌧️ छत्तीसगढ़ में अब तक 500.4 मिमी औसत बारिश दर्ज, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा
M0hammed israil,छत्तीसगढ़, बिलासपुर,रायपुर |
छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन 2025 के दौरान अब तक 500.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा तो वहीं कुछ क्षेत्रों में अब भी बारिश की कमी देखी जा रही है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 783.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि बेमेतरा जिले में सबसे कम 271.7 मिमी वर्षा हुई है।
📊 प्रमुख जिलों में अब तक की वर्षा (1 जून–24 जुलाई 2025)
जिला औसत वर्षा (मिमी) बलरामपुर 783.4 जांजगीर-चांपा 716.2 रायगढ़ 633.5 सूरजपुर 613.6 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 605.9 बीजापुर 608.1 मुंगेली 587.8 बस्तर 597.3 जशपुर 594.1 कोरबा 557.9 बिलासपुर 555.3 रायपुर 480.1 दुर्ग 404.9 बेमेतरा 271.7 (न्यूनतम)
⛈️ प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 25 से 27 जुलाई के बीच छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव और कोरबा जैसे जिलों में तेज़ हवाएं, आकाशीय बिजली और मूसलधार बारिश हो सकती है।
⚠️ मौसम विभाग का यलो अलर्ट जारी: इन बातों का रखें ध्यान (अलर्ट बॉक्स)
- जलभराव वाले इलाकों से बचें
- खुले में खड़े न हों, खासकर पेड़ों और खंभों के नीचे
- बिजली उपकरणों से सावधानीपूर्वक व्यवहार करें
- बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें
- मौसम अपडेट पर ध्यान रखें और आपात सेवाओं से संपर्क में रहें
📉 पिछले 10 साल की तुलना में 2025 की वर्षा स्थिति

वर्ष औसत बारिश (1 जून–24 जुलाई) 2015–2024 औसत 460–480 मिमी 2025500.4 मिमी ✅
विश्लेषण: इस वर्ष अब तक औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो अच्छे खरीफ उत्पादन की संभावना बढ़ा रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव, नालों के उफान और फसल क्षति की आशंका भी बनी हुई है।
🛡️ बरसात में सुरक्षा के 5 जरूरी उपाय
- बारिश के दौरान पुल या तेज बहाव वाले नालों को पार करने से बचें
- बिजली के खुले तारों, इनवर्टर, जनरेटर आदि से दूरी बनाएं
- पैदल या दुपहिया वाहन चालकों को बारिश में विशेष सावधानी रखें
- बच्चों को छत या जलभराव वाले स्थानों पर न जाने दें
- ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने से बचने हेतु EARTHING की व्यवस्था सुनिश्चित करें
नोट: छत्तीसगढ़ में वर्षा की यह स्थिति खरीफ फसलों के लिए अब तक अनुकूल मानी जा रही है, लेकिन लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में जलभराव और सड़कों पर क्षति की भी खबरें सामने आ रही हैं।
विभाग ने आमजनों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में जरूरी सावधानियाँ बरतें और आपदा नियंत्रण केंद्र की सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
⚡ बिजली गिरने से स्थलीय ख़तरे: जरूरी सावधानियाँ
- खुले स्थानों में बिजली गिरने की सक्रिय संभावना – खुले पेड़ों या बिजली पोल के नीचे न रहें
- मशीनरी, उपकरण या इलेक्ट्रिक उपकरणों को अविलम्ब बंद करें
- बिजली जाने पर इनवर्टर, पाइप व तार से दूरी बनाएं; मिट्टी धरने वाला जूता/सैंडल पहनें
- बच्चे और वृद्ध वर्ग को बारिश में अकेले न छोड़ें
- जल निकासी मार्ग साफ रखें ताकि जलभराव से जोखिम कम हो
✅ छत्तीसगढ़ में अब तक
- छत्तीसगढ़ में अब तक 500.4 मिमी वर्षा हो चुकी है — यह पिछले वर्षों के औसत के मुकाबले थोड़ी अधिक है।
- कई जिलों में सामान्य बारिश से कहीं अधिक बारिश दर्ज हुई है, जिससे बाढ़, जलभराव और आंतरिक सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।
- IMD ने राज्य के कई भागों में VERY HEAVY RAIN, thunderstorm और lightning की चेतावनी जारी की है।
- नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने, खुले स्थानों में प्रकृति से बचाव, और जानकारी अपडेट रखने हेतु सतर्क रहने की आवश्यकता है।



