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बारिश में कहर बना लापरवाह सफर – मंदिर से दर्शन कर लौट रहा परिवार कार के साथ नाले में बहा, आठ सदस्यों ने तैर कर बचाई जान, मासूम लापता, प्रोफेसर की करंट से मौत

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, सीपत।
हरेली पर्व के दिन जहां एक ओर श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन कर पुण्य कमा रहे थे, वहीं लौटते वक्त एक परिवार की आस्था यात्रा हादसे में बदल गई। सीपत क्षेत्र में मंदिर से लौट रही कार तुंगन नाले में बह गई। कार में सवार 9 में से 8 लोग तो किसी तरह जान बचाकर बाहर आ गए, लेकिन 3 साल का मासूम तेजस बह गया। उधर, सिविल लाइन क्षेत्र में प्रोफेसर आलोक दीक्षित की घर में करंट लगने से मौत हो गई। यह दोनों हादसे बारिश के मौसम में बढ़ते जोखिम और लापरवाही की चेतावनी हैं।
🚗 मंदिर से लौटते वक्त नाले में बह गई कार, मासूम तेजस लापता


घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला के पास स्थित तुंगन नाले में एक कार बह गई। कार में 9 लोग सवार थे, जो ग्राम उच्चभट्ठी स्थित शिव शक्ति पीठ मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहे थे।
खम्हरिया निवासी मोहनलाल साहू अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ लौट रहे थे। तुंगन नाले के पुल पर करीब 3 फीट पानी बह रहा था। उन्होंने खतरे को नजरअंदाज कर पुल पार करने की कोशिश की, पर तेज बहाव में कार बह गई।
कार में 2 महिलाएं, 2 पुरुष और 5 बच्चे थे। इनमें से 8 लोगों ने किसी तरह तैरकर जान बचा ली, लेकिन 3 वर्षीय तेजस साहू बह गया। देर रात तक पुलिस और ग्रामीणों ने खोजबीन की लेकिन बच्चे और कार का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
प्रोफेसर की इनवर्टर से करंट लगने से मौत

दूसरी ओर, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब 64 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार दीक्षित अपने घर में बिजली जाने के बाद इनवर्टर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना उस समय हुई जब वे इनवर्टर का कनेक्शन निकालने की कोशिश कर रहे थे। परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
📦 बारिश में बढ़ जाते हैं खतरे: ज़रूरी है सतर्कता
☑️ नाले, पुल-पुलियों पर जलभराव होने पर वाहन पार न करें
☑️ ऊंचे जलस्तर में वाहन चलाने से इंजन बंद हो सकता है और बहाव में गाड़ी बह सकती है
☑️ बारिश के समय बिजली उपकरणों से छेड़छाड़ न करें
☑️ इनवर्टर, वायरिंग, खुले तारों से सावधानी रखें – रबर चप्पल पहनकर ही स्पर्श करें
☑️ बच्चों को बरसात में खुले तारों, जलभराव, या छतों पर चढ़ने से रोकें
☑️ अचानक करंट या गाज गिरने से बचाव के लिए घर में अर्थिंग सिस्टम रखें
⚖️ लापरवाही से जान जोखिम में डालना: कानूनी नज़र में अपराध
➡️ IPC धारा 304A – लापरवाही से मौत होने पर 2 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों
➡️ आपदा प्रबंधन अधिनियम – चेतावनी के बावजूद जलभराव पार करना, कानूनी कार्रवाई के अंतर्गत आ सकता है

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