Bilaspur बिलासपुर। – छत्तीसगढ़ शासन ने भ्रष्टाचार में शामिल बिलासपुर जिले के एक राजस्व निरीक्षक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। उस पर अरपा– भैंसाझार परियोजना में एक ही जमीन का चार अलग अलग रकबा दर्शाते हुए अवैधानिक रूप से मुआवजे का अवॉर्ड पारित करवा शासन को तीन करोड़ 42 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप था।राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कलेक्टर अवनीश शरण ने विभागीय जांच करवाई थी। जांच में पुष्टि होने पर आयुक्त भू– अभिलेख को बर्खास्तगी की अनुशंसा भेजी थी। जिसके आधार पर आयुक्त भू अभिलेख के द्वारा राजस्व निरीक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है।

अरपा– भैंसाझार परियोजना में गलत बटांकन कर करोड़ों के मुआवजा राशि घोटाले में संलिप्त राजस्व निरीक्षक को बर्खास्त किया गया है। मामला सामने आने पर बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने मामले की जांच करवाई थी और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया था। राजस्व निरीक्षक ने पटवारी रहते हुए एक ही जमीन का चार अलग अलग रकबा दर्शाते हुए अधिक मुआवजा का प्रकरण तैयार कर शासन को तीन करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए का नुकसान हुआ था। निलंबन के बाद कलेक्टर ने विभागीय जांच करवा बर्खास्तगी के लिए कार्यालय आयुक्त भू अभिलेख छत्तीसगढ़ को पत्र प्रतिवेदन भेजा था। जिसके बाद आयुक्त भू अभिलेख के द्वारा बर्खास्तगी की कार्यवाही की गई है।
राजस्व निरीक्षक मुकेश साहू के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के लिए कलेक्टर ने उसे निलंबित करते हुए डिप्टी कलेक्टर महेश शर्मा को विभागीय जांच के लिए निर्देशित किया था। विभागीय जांच अधिकारी द्वारा उक्त प्रकरण में साक्षियों के कथन व अपचारी कर्मचारी के बचाव साक्ष्य तथा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन व परिशीलन उपरांत अपचारी कर्मचारी पर लगाये गये आरोप की पुष्टि होना प्रतिवेदित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अरपा-भैंसाझार परियोजना के अंतर्गत चकरभांठा वितरक नहर निर्माण में अधिग्रहित भूमि ग्राम सकरी, खसरा नं. 1/6 या 1/4 के अर्जन एवं व्यपवर्तन के संबंध में संलग्न खसरा पांचसाला वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक में वर्ष 2013-14 के कॉलम में वर्ष 2019-20 लिखकर खसरा नंबर 1/4 रकबा 0.90 एकड़ व्यावसायिक परिवर्तित भूमि दर्ज किया गया है। खसरा पांचसाला वर्ष 2016-17 से वर्ष 2020-21 तक में वर्ष 2016-17 में खसरा नंबर 1/4 रकबा 0.90 एकड़ प्रिंटेड दर्ज है, जिसे नीली स्याही से दुरूस्ती कर रकबा 0.40 एकड़ किया गया है एवं नया खसरा नंबर 1/6 रकबा 0.50 एकड़ नया खसरा बटांकित किया गया है। अर्जित किये जाने वाली भूमि का प्रारंभिक प्रकाशन धारा 11, 19 अधिसूचना में खसरा नंबर 1/4 या 1/6 सम्मिलित नहीं था। धारा 12 में खसरा नंबर 1/4 एवं 1/6 का उल्लेख नहीं है। अपचारी कर्मचारी मुकेश साहू ने अपने प्रतिवेदन दिनांक 22.07.2019 द्वारा खसरा नंबर 1/4 रकबा 0.01 एकड़ एवं 1/6 रकबा 0.15 एकड़ को प्रभावित बताया है। बाद के प्रतिवेदन में खसरा नंबर 1/4 में अर्जित रकबा को 0.03 एकड़ एवं खसरा नंबर 1/6 को व्यववर्तित भूमि रकबा 0.26 एकड़ बताया है। तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कोटा एवं अवार्ड पत्रक में हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों द्वारा रिपोर्ट / तथ्यों का परीक्षण किये बगैर एवं बगैर विधिवत सूचना व प्रकाशन के अरपा-भैंसाझार परियोजना के अंतर्गत चकरभाठा वितरक नहर का अवार्ड पत्रक भू-अर्जन पत्रक-22 (मुआवजा देयक पत्रक) में खसरा नंबर 1/4 अर्जित रकबा 0.03 एकड़ (सिंचित दुफसली / अन्य पहुंच मार्ग के साथ मकान निर्मित बताया जाकर) के विरूद्ध मुआवजा राशि रूपये 37,37,871/- एवं खसरा नंबर 1/6 अर्जित रकबा 0.26 एकड़ भूमि के विरूद्ध मुआवजा राशि रूपये 3,04,80,049/- मनोज अग्रवाल, पिता पवन अग्रवाल को भुगतान किया गया है। अभिलेख अवैधानिक रूप से सुधार किये जाने के कारण शासन को आर्थिक हानि हुई है और अनावश्यक रूप में मुआवजा के रूप में राशि रूपये 3,42,17,920/- का भुगतान किया गया है।
विभागीय जांच प्रमाणित पाए जाने पर 3 फरवरी 2025 को उनकी सेवा समाप्ति हेतु प्रतिवेदन कार्यालय आयुक्त भू अभिलेख शाखा को भेजा गया। जिसमें मुकेश साहू, राजस्व निरीक्षक, जिला-बिलासपुर के विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-14 के अधीन संस्थित विभागीय जांच में विभागीय जांच अधिकारी, जिला कार्यालय बिलासपुर के जांच प्रतिवेदन दिनांक 09.01.2025 के अनुसार अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध लगाये गये आरोप, साक्षियों एवं दस्तावेजों के आधार पर सिद्ध पाये जाने एवं शासन को 3,42,17,920 /- रूपये की आर्थिक हानि होने से सहमत होते हुए छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के दीर्घ शास्ति / मुख्य शास्ति नियम-10 के कंडिका 8 एवं 9 के तहत् अपचारी कर्मचारी मुकेश साहू को सेवा से पृथक किये जाने की अनुशंसा के साथ प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।
बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण द्वारा भू अभिलेख शाखा को तीन फरवरी को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार मुकेश साहू, राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच में जांच प्रतिवेदन दिनांक 09.01.2025 के अनुसार उनके विरूद्ध अधिरोपित आरोप प्रमाणित पाये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, इनके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-10 (नौ) की दीर्घ शास्ति अधिरोपित करते हुए मुकेश साहू, राजस्व निरीक्षक, रा.नि. मंडल बेलतरा, तहसील-बेलतरा, जिला-बिलासपुर को शासकीय सेवा से पदच्युत करने की कार्यवाही आयुक्त भू अभिलेख के द्वारा की गई है। बता दे इस मामले में जिला प्रशासन की तरफ से सकरी थाने में अपराधिक प्रमाण भी दर्ज करवाया गया है।
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