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बिलासपुर में बीजेपी की बड़ी जीत, पूजा विधानी बनीं मेयर, देखिए कांग्रेस और भाजपा के विजय प्रत्याशियों की पूरी लिस्ट

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
10 Min Read

00 भाजपा के 49, कांग्रेस 18 और 3 निर्दलीय बने पार्षद

Bilaspur। बिलासपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की। मेयर प्रत्याशी पूजा विधानी ने 66,067 वोटों के अंतर से कांग्रेस के प्रमोद नायक को हराया। पूजा को 1,52,011 वोट मिले, जबकि प्रमोद नायक को 85,944 वोटों पर संतोष करना पड़ा। निगम के 70 वार्डों में से बीजेपी ने 49 वार्डों में जीत दर्ज की, कांग्रेस को 18 वार्डों में सफलता मिली और 3 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। वार्ड क्रमांक-13 में बीजेपी प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे।

महिलाओं को विशेष सुविधाएं देना उनकी प्राथमिकता में शामिल : पूजा

पूजा विधानी ने जीत के बाद कहा कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना और महिलाओं को विशेष सुविधाएं देना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शहर का विकास कांग्रेस के शासनकाल में काफी पिछड़ गया था, जिसे अब गति मिलेगी।

अन्य नगर निकाय चुनाव में बीजेपी का दबदबा
रतनपुर नगर पालिका में लव कुश, मल्हार नगर पंचायत में धनेश्वरी केंवट, कोटा नगर पंचायत में सरोज दुर्गेश साहू और बिल्हा नगर पंचायत में वंदना जेंड्रे ने जीत दर्ज की। तखतपुर में कांग्रेस पूजा मक्कड़ और बोदरी में नीलम विजय वर्मा आम आदमी पार्टी ने अपने-अपने प्रत्याशियों को विजयी बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

तखतपुर और बोदरी में कांग्रेस और आप की शानदार जीत: क्षेत्रीय राजनीति को नया मोड़

छत्तीसगढ़ के स्थानीय निकाय चुनावों में जहां बीजेपी ने अधिकांश नगर निगम और नगर पंचायतों में जीत का परचम लहराया, वहीं तखतपुर नगर पालिका और बोदरी नगर पालिका के नतीजों ने सियासी पटल पर चर्चा का केंद्र बनाया। इन दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने बीजेपी को चुनौती देते हुए अपनी जीत दर्ज की।

तखतपुर में कांग्रेस की जीत

तखतपुर नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस ने अपने मजबूत संगठन और स्थानीय मुद्दों पर फोकस करते हुए जीत हासिल की। इस जीत को बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि तखतपुर बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता था।

कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने इस बार स्थानीय विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए चुनाव प्रचार किया। स्थानीय समस्याओं जैसे सड़क, पानी, और स्वच्छता के मुद्दों को लेकर जनता से जुड़ने की कोशिश की गई। कांग्रेस प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर जनता से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं का समाधान करने का वादा किया।

कांग्रेस के जीतने वाले प्रत्याशियों का कहना है कि यह जीत क्षेत्रीय जनता के भरोसे और कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनता ने दिखा दिया है कि अब केवल वादों पर नहीं, बल्कि काम पर वोट दिए जाएंगे।

बीजेपी के लिए झटका
बीजेपी के लिए यह हार आत्ममंथन का समय लेकर आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तखतपुर में पार्टी की हार का मुख्य कारण जमीनी स्तर पर जनसंपर्क की कमी और स्थानीय समस्याओं पर ध्यान न देना रहा।

बोदरी में आप का खाता खुला

बोदरी नगर पालिका में आम आदमी पार्टी ने इतिहास रचते हुए अपना खाता खोला। यह जीत पार्टी के लिए विशेष मायने रखती है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में आप को एक उभरती हुई ताकत के रूप में देखा जा रहा है।

आप की जीत का कारण
आप ने बोदरी में चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली मॉडल को केंद्र में रखा। शिक्षा, स्वास्थ्य, और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन जैसे मुद्दे जनता के बीच प्रमुखता से उठाए गए। आप प्रत्याशियों ने दिल्ली सरकार की उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए जनता को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वही बदलाव बोदरी में भी लाया जा सकता है।
बोदरी की जनता ने इस बार पारंपरिक राजनीति से हटकर नए विकल्प को चुना। आप प्रत्याशियों की सादगी और जनसमस्याओं के प्रति गंभीरता ने मतदाताओं को प्रभावित किया।

कांग्रेस और बीजेपी को चेतावनी
बोदरी में आप की जीत कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए एक संकेत है कि क्षेत्रीय राजनीति में नए विकल्प उभर रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आप की यह सफलता पार्टी के लिए छत्तीसगढ़ में एक स्थायी स्थान बनाने की दिशा में पहला कदम है।तखतपुर और बोदरी की ये जीतें स्थानीय राजनीति के बदलते रुझान को दर्शाती हैं। जहां तखतपुर में कांग्रेस की जीत यह साबित करती है कि जनता अब पारंपरिक गढ़ों को चुनौती देने से नहीं हिचकती, वहीं बोदरी में आप की सफलता यह दिखाती है कि मतदाता नए विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार हैं।तखतपुर में कांग्रेस ने जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना अब पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, बोदरी में आप को जनता का भरोसा जीतने के लिए अपने वादों को जमीन पर उतारना होगा।तखतपुर और बोदरी की ये जीतें संकेत देती हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राज्य और राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नतीजों का आगामी विधानसभा चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

Navnirvachit Parshad

1 कांग्रेस – अमित भारते
2 भाजपा – दिलीप कोरी
3 भाजपा – किरण राजेन्द्र टण्डन
4भाजपा – कुसुम महाबली कोसल
5कांग्रेस – गायत्री लक्ष्मी साहू
6भाजपा – संजय सीमा सिंह
7भाजपा – श्याम कार्तिक
8भाजपा – बैजंती जोशी
9 कांग्रेस – मनहरण लाल कौशिक
10 कांग्रेस – पुष्पेंद्र साहू
11 भाजपा – केशरी इंगोले
12भाजपा – विजय मरावी
13 भाजपा – रमेश पटेल
14भाजपा – हेमंत मरकाम
15 भाजपा – नितिन पटेल
16कांग्रेस – अनिता कश्यप
17भाजपा – कार्तिक यादव
18भाजपा – अंजनी कश्यप
19कांग्रेस – भरत कश्यप
20भाजपा – कविता कंचन
21भाजपा – मधुबाला टंडन
22भाजपा – संजय यादव
23भाजपा – वंदना चंद्रिकापुरे
24निर्दलीय – ध्रुव कोरी
25कांग्रेस – संतोषी रामा बघेल
26कांग्रेस – असगरी बेगम नजीरूद्दीन
27भाजपा – किरण गोस्वामी
28भाजपा – गणेश रजक
29कांग्रेस – शेख असलम
30भाजपा – विनोद सोनी
31कांग्रेस – शहजादी कुरैशी
32भाजपा – अमित तिवारी
33भाजपा – रंगा नादम
34कांग्रेस – रीता कश्यप
35बीजेपी – आशीष गुप्ता
36भाजपा – बंधु मौर्य
37भाजपा – लक्ष्मी रजक
38कांग्रेस – सुनीता नामदेव गोयल
39भाजपा – दिनेश देवांगन
40कांग्रेस – शिरीष कश्यप
41भाजपा – मोती गंगवानी
42भाजपा – लक्ष्मी यादव
43 निर्दलीय –
44भाजपा – कविता दत्ता
45भाजपा – वल्लभ राव
46कांग्रेस – अब्दुल इब्राहिम खान
47कांग्रेस – मोहन श्रीवास
48भाजपा – तिलक राम साहू
49कांग्रेस – सुनील सोनकर
50भाजपा – जय वाधवानी
51भाजपा – प्रितेश सोनी
52कांग्रेस – दिलीप पाटिल
53भाजपा – रेखा सूर्यवंशी
54भाजपा – निशा देवांगन
55भाजपा – मनोरमा यादव
56भाजपा – रुपाली अनिल गुप्ता
57भाजपा – रेखा ओमप्रकाश पाण्डेय
58भाजपा – कमला पुरुषोत्तम
59भाजपा – सुनीता जगत
60भाजपा – विजय ताम्रकार
61 भाजपा – राजेश दुसेजा
62कांग्रेस – सीमा शुक्ला
63 भाजपा – श्याम साहू
64 निर्दलीय –
65भाजपा – तिहारी जायसवाल
66भाजपा – अंचल दुबे
67भाजपा – संगीता परिहार
68भाजपा – ममता अमित मिश्रा
69भाजपा – प्रकाश यादव
70भाजपा – एम श्रीनू श्रीवास

1 कांग्रेस – अमित भारते
2 भाजपा – दिलीप कोरी
3 भाजपा – किरण राजेन्द्र टण्डन
4भाजपा – कुसुम महाबली कोसल
5कांग्रेस – गायत्री लक्ष्मी साहू
6भाजपा – संजय सीमा सिंह
7भाजपा – श्याम कार्तिक
8भाजपा – बैजंती जोशी
9 कांग्रेस – मनहरण लाल कौशिक
10 कांग्रेस – पुष्पेंद्र साहू
11 भाजपा – केशरी इंगोले
12भाजपा – विजय मरावी
13 भाजपा – रमेश पटेल
14भाजपा – हेमंत मरकाम
15 भाजपा – नितिन पटेल
16कांग्रेस – अनिता कश्यप
17भाजपा – कार्तिक यादव
18भाजपा – अंजनी कश्यप
19कांग्रेस – भरत कश्यप
20भाजपा – कविता कंचन
21भाजपा – मधुबाला टंडन
22भाजपा – संजय यादव
23भाजपा – वंदना चंद्रिकापुरे
24निर्दलीय – ध्रुव कोरी
25कांग्रेस – संतोषी रामा बघेल
26कांग्रेस – असगरी बेगम नजीरूद्दीन
27भाजपा – किरण गोस्वामी
28भाजपा – गणेश रजक
29कांग्रेस – शेख असलम
30भाजपा – विनोद सोनी
31कांग्रेस – शहजादी कुरैशी
32भाजपा – अमित तिवारी
33भाजपा – रंगा नादम
34कांग्रेस – रीता कश्यप
35बीजेपी – आशीष गुप्ता
36भाजपा – बंधु मौर्य
37भाजपा – लक्ष्मी रजक
38कांग्रेस – सुनीता नामदेव गोयल
39भाजपा – दिनेश देवांगन
40कांग्रेस – शिरीष कश्यप
41भाजपा – मोती गंगवानी
42भाजपा – लक्ष्मी यादव
43 निर्दलीय –
44भाजपा – कविता दत्ता
45भाजपा – वल्लभ राव
46कांग्रेस – अब्दुल इब्राहिम खान
47कांग्रेस – मोहन श्रीवास
48भाजपा – तिलक राम साहू
49कांग्रेस – सुनील सोनकर
50भाजपा – जय वाधवानी
51भाजपा – प्रितेश सोनी
52कांग्रेस – दिलीप पाटिल
53भाजपा – रेखा सूर्यवंशी
54भाजपा – निशा देवांगन
55भाजपा – मनोरमा यादव
56भाजपा – रुपाली अनिल गुप्ता
57भाजपा – रेखा ओमप्रकाश पाण्डेय
58भाजपा – कमला पुरुषोत्तम
59भाजपा – सुनीता जगत
60भाजपा – विजय ताम्रकार
61 भाजपा – राजेश दुसेजा
62कांग्रेस – सीमा शुक्ला
63 भाजपा – श्याम साहू
64 निर्दलीय –
65भाजपा – तिहारी जायसवाल
66भाजपा – अंचल दुबे
67भाजपा – संगीता परिहार
68भाजपा – ममता अमित मिश्रा
69भाजपा – प्रकाश यादव
70भाजपा – एम श्रीनू श्रीवास

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