बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम चनाडोंगरी निवासी श्रीमती करुणा भोई (32) पति कैलाश की नसबंदी के दौरान मौत हो गई। मितानिन द्वारा करुणा को मध्य प्रदेश के बुढ़ार नसबंदी केंद्र ले जाया गया था, जहां सोमवार सुबह ऑपरेशन के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से स्थानीय क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।



परिजनों का आरोप है कि उन्हें प्रक्रिया के जोखिमों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। तखतपुर के बीएमओ डॉ उमेश साहू का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंची हर जांच में जुटी हुई है।स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि नसबंदी जैसे कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। “एक राज्य की महिला को दूसरे राज्य में भेजने के पीछे की वजह पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं,” ।
कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने करुणा की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना प्रशासन की गंभीर विफलता है।इस घटना ने नसबंदी प्रक्रिया की गुणवत्ता और महिला स्वास्थ्य को लेकर चल रहे कार्यक्रमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ की महिला का मध्य प्रदेश में नसबंदी: बड़ा सवाल
करुणा भोई को नसबंदी के लिए उनके गृह राज्य छत्तीसगढ़ के बजाय मध्य प्रदेश भेजा गया, जिससे प्रशासनिक समन्वय और चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को नसबंदी के लिए दूर ले जाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। दोनों राज्यों की स्वास्थ्य योजनाओं की समन्वयहीनता और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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