Bilaspur। बिलासपुर नगर निगम के चुनाव में वोटरों को प्रलोभन देने के लिए खुलेआम धन का दुरुपयोग देखने को मिला। वार्ड क्रमांक 07 और 68 में पैसे बांटने की घटनाएं सामने आईं, इसे लेकर सुबह से देर रात तक बवाल होता रहा।
वार्ड 07 में प्रत्याशी रंगे हाथों पकड़ा गया
यदुनंदन नगर के पास पंच सील कॉलोनी में भाजपा के वार्ड 07 के पार्षद प्रत्याशी श्याम कार्तिक को वोटरों को पैसे से भरे लिफाफे बांटते हुए स्थानीय निवासियों ने रंगे हाथों पकड़ा। प्रत्याशी ने घबराहट में लिफाफों को नाले में फेंक दिया, लेकिन सतर्क निवासियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत दर्ज की गई।
वार्ड 68 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 5 लाख रुपये जब्त किए
वार्ड 68 में भी पैसे बांटने का मामला सामने आया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो लोगों को 5 लाख रुपये के साथ पकड़ा। आरोपियों को कोनी पुलिस के हवाले किया गया। इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
बिलासपुर की इन घटनाओं ने राज्य निर्वाचन आयोग का ध्यान खींचा है। सवाल उठता है कि क्या इन मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी या ये घटनाएं भी अन्य चुनावी धांधलियों की तरह दबा दी जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लोगों का विश्वास कम हो सकता है।
जनता ने बनाया वीडियो
इन घटनाओं के उजागर होने में स्थानीय जनता की सतर्कता ने अहम भूमिका निभाई है। वीडियो बनाकर और पुलिस को जानकारी देकर निवासियों ने यह संदेश दिया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग इन मामलों में क्या कदम उठाता है। यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक मिसाल बन सकता है। वहीं, जनता की जागरूकता भी इन चुनावों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मददगार साबित हो सकती है।



