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जहरीली शराब कांड: प्रशासन के दावे में कितनी सच्चाई, क्या पुरुषों ने ही उड़ाई थी सिर्फ दावत, महिलाएं और बच्चे भी वैवाहिक कार्यक्रम में हुए थे शामिल पर उन्हें कुछ नहीं हुआ, जानिए क्या है मामला…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 मछली खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का भी कर रहे हैं अफसर दावा

00 ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के इलाकों से भारी मात्रा में होती है अवैध महुआ शराब की सप्लाई

बिलासपुर। जहरीली शराब कांड को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से जनसंपर्क विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है जिसमें  ग्रामीणों की  हुई मौत के कारण का उल्लेख किया गया है। साथ यह भी बताया गया है कि प्रभावित ग्राम में वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। यही नहीं ग्रामीणों ने मछली पका कर भी खाया था। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुरुषों ने ही दावत उड़ाई थी। जबकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए थे, उन्हें तो कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है की हकीकत यह है कि आसपास के इलाकों से उनके ग्राम में भारी मात्रा में अवैध महुआ के शराब की सप्लाई होती है इसके सेवन के बाद ही ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी थी।

प्रशासन का यह है दावा

ग्राम लोफंदी, थाना कोनी तहसील बिलासपुर में 7 से 8 व्यक्तियों की मृत्यु होने की प्राथमिक सूचना प्राप्त हुई, जिस पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया ।
घटना की जांच हेतु प्रशासन एवं पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम में पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम एवं स्वास्थ विभाग की टीम शामिल थी। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से प्रारंभिक पूछताछ एवं जांच-पड़ताल के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि ग्राम लोफंदी के रहवासी श्री श्रवण देवांगन के घर पर वैवाहिक कार्यक्रम 3 फरवरी से 6 फरवरी के बीच आयोजित हुआ, जिसमें ग्राम के ग्रामीणों को सामूहिक भोज में आमंत्रित किया गया था। ग्रामीणों से पूछताछ में यह भी पता चला कि पिछले 4-5 दिवसों में गांव के कुछ ग्रामीणों की मृत्यु हुई है, एवं कुछ व्यक्ति इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती हैं। उक्त संबंध में ग्रामीणों से विस्तार से पूछे जाने पर उनके द्वारा यह बताया गया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा 6 फरवरी को नदी से मछली पकड़कर नदी के किनारे मछली पकाकर सेवन किया गया था। मृतक ग्रामीणों के मृत्यु पूर्व लक्षण पूछे जाने पर ग्रामीणों द्वारा पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आना, सुस्ती इत्यादि बताया गया। ग्रामीणों के द्वारा यह भी बताया गया कि मृतक ग्रामीणों में से एक ग्रामीण की मृत्यु सर्पदंश से हुई हैै। मृतकों में से कुछ ग्रामीणों का पहले से बीमार होना भी बताया गया। जांच-पड़ताल में जिला प्रशासन की टीम द्वारा यह पाया गया कि,
5 फरवरी 2025 को देवप्रसाद पटेल एवं शत्रुहन देवांगन की मृत्यु हुई थी। मृतक देवप्रसाद पटेल की मृत्यु का मर्ग क्रमांक 07/2025 कोनी थाने में कायम किया गया था जिसके पंचनामा एवं पुत्र के कथन में मृत्यु का कारण सर्पदंश अंकित है।
7 एवं 8 फरवरी 2025 को 5 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, जिनके नाम रामूराम सुनहले, कोमल लहरे, कन्हैया पटेल,बलदेव पटेल एवं कुन्नू देवांगन है। बलदेव पटेल की मृत्यु श्रीराम केयर हास्पिटल में हुई एवं उनकी मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कार्डियो एवं रेस्पिरेटरी अरेस्ट उल्लेखित है।


यह तथ्य प्रकाश में आया कि दिनांक 8 फरवरी तक ग्राम लोफंदी में एक मृतक को छोड़कर बाकी मृतकों का अंतिम संस्कार ग्रामीणों द्वारा स्वयं करा दिया गया था, जिसकी सूचना प्रशासन व अन्य किसी विभाग को भी नहीं दी गई। मौके पर जिला प्रशासन की टीम ने मृतक रामूराम सुनहले पिता बबईराम का शव बरामद किया एवं पोस्ट मार्टम के लिए तत्काल सिम्स भेजा। सिम्स से प्राप्त पीएम रिपोर्ट में ’मृत्यु का कोई विशेष कारण अभी नहीं बताया जा सकता है, बिसरा, हिस्टो पैथोलॉजी एवं ब्लड एनालिसिस रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के कारण का निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।’ (No specific cause of death could be ascertained as of now. Confirmation of cause of death remains pending till Viscera, Histopathology report and Blood analysis report.’)अंकित है।
मृतक ग्रामीणों का व्यौरा निम्नानुसार है-

  1. कन्हैयालाल पटेल पिता चैतराम पटेल उम्र 60 वर्ष
  2. शत्रुहन देवांगन पिता महेत्तर देवांगन उम्र 40 वर्ष
  3. बलदेव पटेल पिता छेदीलाल पटेल उम्र 52 वर्ष
  4. कोमल प्रसाद लहरे पिता गया राम लहरे उम्र 56 वर्ष।
  5. रामूराम सुनहले पिता बबईस सुनहले उम्र 59 वर्ष।
  6. कुन्नू देवांगन (नान्हु) पिता बाबा देवांगन उम्र 35 वर्ष।
  7. देव कुमार पटेल पिता चैतराम पटेल उम्र 45 वर्ष। वर्तमान में पूरे ग्राम में स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, मितानिनों एवं नगर निगम की एमएमयू यूनिट द्वारा विशेष स्वास्थ्य कैम्प लगाया गया है। जिसमें उनके द्वारा डोर टू डोर सघन अभियान चलाकर जांच की जा रही है।
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