
रतनपुर-केंदा-केवची मार्ग की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, करीब 2 घंटे चला धरना; विधायक अटल श्रीवास्तव बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
बिलासपुर/कोटा, 20 अगस्त 2026। रतनपुर-केंदा-केवची राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 45 के अधूरे और कथित गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और सड़क पर धान लगाकर निर्माण की स्थिति का विरोध जताया। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता, अधूरे काम, गड्ढों और कीचड़ की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए।
प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम तखतपुर नीतिन तिवारी, तहसीलदार रतनपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। विधायक ने इससे पहले भी बिलासपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार ठेकेदार एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को आंदोलन के बाद एक बार फिर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धान लगाकर पूछा- सड़क है या खेत?
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क की बदहाल स्थिति को प्रतीकात्मक तरीके से सामने लाने के लिए सड़क पर धान लगाया। आंदोलनकारियों का कहना था कि अधूरे निर्माण और बारिश के बाद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ की स्थिति बन रही है। इसी स्थिति को लेकर धान लगाकर विरोध दर्ज कराया गया।
विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने और मौजूदा गड्ढों की मरम्मत एवं फिलिंग तत्काल कराने की मांग की।
रतनपुर से जबलपुर तक का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग
विधायक अटल श्रीवास्तव ने ज्ञापन में कहा है कि रतनपुर से जबलपुर तक बनने वाला यह मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है।
इसके बावजूद रतनपुर-केंदा-केवची हिस्से में निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ताहीन होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक वाहन चालकों और यात्रियों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गड्ढों में फंस रहे वाहन, दुर्घटनाओं का भी दावा
विधायक के ज्ञापन में दावा किया गया है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं। यात्रियों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
आंदोलन के दौरान सड़क की स्थिति को लेकर कांग्रेसियों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों की अनियमितता और लापरवाही के कारण गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण किया जा रहा है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता और अधूरे निर्माण को लेकर पहले भी शिकायतें की गई हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने पूर्व में बिलासपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार ठेकेदार एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब सड़क पर प्रदर्शन के बाद उन्होंने पुनः कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों को दोहर विधायक की चार प्रमुख मांगें
1. निर्माण कार्य शीघ्र पूरा हो
रतनपुर-केंदा-केवची राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य तत्काल गति से शुरू कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। वर्तमान में सड़क के मरम्मत एवं फिलिंग कार्य भी जल्द कराए जाएं।
2. गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच
राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी मानकों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
3. ठेकेदार की निविदा निरस्त हो
गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। विधायक ने निविदा निरस्त कर यथाशीघ्र नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
4. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण नहीं होने की स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित प्रभारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
बॉक्स | सड़क की बदहाली पर आंदोलन की चेतावनी
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि गुणवत्ताहीन और अधूरे सड़क निर्माण के कारण राहगीरों को परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है। इसलिए सड़क निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी बड़ा आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया ज्ञापन
करीब दो घंटे चले धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम तखतपुर नीतिन तिवारी, तहसीलदार रतनपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता ने आंदोलनकारियों से ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सवाल सड़क से आगे, निगरानी व्यवस्था पर भी
रतनपुर-केंदा-केवची राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को लेकर उठे सवाल केवल सड़क की मौजूदा हालत तक सीमित नहीं हैं। विधायक के आरोपों में निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन, ठेकेदार की जिम्मेदारी और संबंधित अधिकारियों की निगरानी सीधे सवालों के घेरे में हैं।
विधायक ने इसी वजह से सामान्य मरम्मत की मांग के साथ-साथ उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और जिम्मेदार ठेकेदार एवं अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। ठेकेदार की निविदा निरस्त करने और नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी इसी शिकायत का हिस्सा है।
आंदोलन में कौन-कौन रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में रतनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष आदित्य दीक्षित, जिला महामंत्री शीतल जायसवाल, विधायक प्रतिनिधि रियाज अहमद, पार्षद पुष्कान्त कश्यप, आनंद जायसवाल, शिवा पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य रजनी पिंटू मरकाम, ब्लॉक अध्यक्ष अश्वनी उद्देश्य, जनपद सदस्य सचिन साहू, विधायक प्रतिनिधि शिवदत्त पांडे, विधायक प्रतिनिधि कुलवंत सिंह, यासीन खान, कृष्णा साहू, गोवर्धन आमों, पिंटू गुप्ता, राम गंधर्व, कपिल, मनोज बाजपेई, संतोष साहू, शैलेश राजपूत, पूर्णिमा वैष्णव और रॉकी अनुरागी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
स्थान: रतनपुर-केंदा-केवची राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 45
मुद्दा: अधूरा एवं कथित गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण
आंदोलन: सड़क पर धरना और धान लगाकर विरोध
अवधि: करीब 2 घंटे
नेतृत्व: कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव
प्रशासन की मौजूदगी: एसडीएम तखतपुर, तहसीलदार रतनपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता
ज्ञापन: कलेक्टर बिलासपुर के नाम
प्रमुख मांग: उच्चस्तरीय जांच, मरम्मत-फिलिंग, निर्माण शीघ्र पूरा करना, ठेकेदार की निविदा निरस्त कर नई निविदा और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई
आगे की चेतावनी: मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन



