



Bilaspur बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी, कोनी में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान छात्राओं की भी जमकर पिटाई की गई। यह सब यूनिवर्सिटी के कुलपति के सामने होता रहा लेकिन उनकी गाड़ी विवाद शुरू होते ही मौके से निकल गई। यही नहीं मौके पर मौजूद प्रबंधन के कुछ अधिकारी तो मूक दर्शक बनकर खड़े रहे।जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कुलपति और अन्य शिक्षक मौके पर मौजूद थे, लेकिन हिंसा को रोकने में नाकाम रहे।
VC की गाड़ी रोकी तो शुरू हुई फाइटिंग
घटना उस समय हुई जब कुछ छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर कुलपति (VC) से मिलने पहुंचे, लेकिन वे बिना बात किए गाड़ी में बैठकर निकलने लगे। इसी दौरान फिजिकल डिपार्टमेंट के छात्रों और कुछ बाहरी लड़कों ने अचानक हमला कर दिया और मारपीट शुरू हो गई।
छात्र गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती
झगड़े में एक छात्र बेहोश हो गया, जिसे गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा एक अन्य छात्र भी घायल हुआ, जिसका इलाज जारी है।
छात्रों का आरोप: बाहरी गुंडों को बुलाया गया
घायल छात्रों के साथियों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार और एचओडी ने बाहरी गुंडों को बुलाकर छात्रों को पिटवाया। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याओं को रखने आए थे , लेकिन उन पर हमला कर दिया गया।
यूनिवर्सिटी में बढ़ा तनाव, प्रशासन पर सवाल
घटना के बाद यूनिवर्सिटी में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस पूरे मामले पर अब यूनिवर्सिटी प्रबंधन की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
यह कौन सी नई परंपरा
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अब एक नया ट्रेंड पकड़ा है छात्रों से छात्रों को लड़ाने का कार्य निंदनीय है।
4 महीने पहले विश्वविद्यालय द्वारा अधिसूचना जारी कर चेस ट्रायल कराया गया जिसमें कई छात्र चयनित भी हुए लेकिन अब जोनल लेवल पर होने जा रहे चेस खेलने से उन छात्रों को रोका जा रहा है छात्रों ने पढ़ाई और परीक्षा के दौरान अपना कीमती वक्त निकाल कर चेस ट्रायल खेला और चयनित भी हुए लेकिन फिजिकल एजुकेशन के विभागाध्यक्ष रत्नेश सिंह द्वारा छात्रों को कहा गया कि हमारे पास फंड की कमी है और चेस के प्रशिक्षक नहीं है यह कारण बताते हुए छात्रों को खेल से वंचित कर रहे हैं जबकि पहले भी बहुत से खेल हुए हैं जिसके प्रशिक्षक नहीं हुए हुए भी उन्हें बाहर खेलने का अवसर मिला है इस बात को उठते हुए अभाविप के कार्यकर्ता रजिस्ट्रार और विभागाध्यक्ष से दो दिवस पहले मिले जिसमें उन्होंने कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की इसलिए आज अभाविप के कार्यकर्ता कुलपति से मिलने पहुंचे चूंकि उनके पास कोई जवाब नहीं था तो फिजिकल एजुकेशन के छात्रों को बरगलाकर अभाविप के कार्यकर्ताओं को रोकने का नकारात्मक प्रयास किया और छात्रों के बीच ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया ताकि छात्र आपस में भीड़ जाए इस बीच ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई कि एक छात्र सक्षम पाठक बेहोश हो गए और एक छात्र के नाक पर इतनी चोट आई कि खुन बहने लगा। इस पर इकाई अध्यक्ष आराध्य तिवारी ने कहा कि कुलपति छात्र विरोधी हैं छात्रों की बात सुनने की जगह उन्हें आपस में लड़वाने और बाहर से गुंडे बुला कर मारपीट किए है जोकि असहनीय और निंदनीय है इसलिए हम सब छात्र मिलकर एक बड़ा आंदोलन कर छात्र विरोधी कुलपति को बहार का रास्ता दिखाएंगे।



