
बिलासपुर। सिम्स के चर्म ,रतिज एवं कुष्ठरोग विभाग ने शनिवार को विश्व कुष्ठरोग के उन्मुलन कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने का कार्यकम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रजलित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मुर्ति व डॉ. बी. आर बेन (चिकित्सा अधीक्षक,) ,डॉ. भूपेंद्र कश्यप , व डॉ सचिन पाण्डेय सिम्स उपस्थित रहे। सम्बन्धित रोग के दवा सेवन विषय पर व्याख्यान विशिष्ट अतिथि डॉ डेनिएल हेनरी व डॉ डेनिस हेनरी .(त्वचा रोग विशेषज्ञ) के द्वारा त्वचा रोग विभाग में बढ़ी संख्या मैं उपस्थित हितग्राही रोगियों के समक्ष दिया गया ।
सिम्स के चर्म ,रतिज एवं कुष्ठरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर जे पी स्वाइन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कुष्ठरोग का व्यापकता दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है । आदिवासी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता का अभाव एवं सामाजिक भय कुछ हद तक जिम्मेदार है।इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल कुछ रोग के कारणो ,लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी प्रदान करना है, बल्कि इससे जुडे, मिथको और भ्रातियो को भी दूर करना है।इस कार्यक्रम के माध्यम से हम मरीजो का शीघ्र व प्रभावी उपचार कर सकते है, जिससे बीमारी के फैलाव और विकलांगता को रोका जा सके और मरीजों को बेहतर जीवन प्रदान किया जा सके।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के डॉक्टर संगीता सिंह , डॉक्टर शिल्पी लकड़ा ,डॉ ज्योतिष ,डॉक्टर उत्कर्ष ,डॉ दीपिका ,डॉ जाह्नवी एवं समस्त विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।



