रायपुर, 19 अगस्त 2026। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध फिलहाल खत्म हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से हुई चर्चा के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों पर सरकार के सकारात्मक रुख पर भरोसा जताते हुए आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि को लेकर इसी माह आवश्यक और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से पहुंचे इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में स्टाइपेंड वृद्धि, चिकित्सा शिक्षा से जुड़े मुद्दों और इंटर्न डॉक्टरों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
सरकार पर भरोसा, इंटर्न डॉक्टरों ने रोका आंदोलन
बैठक के दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल की है। चर्चा के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार पर विश्वास जताते हुए प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया। इस फैसले पर बैठक में मौजूद सभी पक्षों ने संतोष व्यक्त किया।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय होता है तो इससे प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को लाभ मिलेगा।
स्टाइपेंड वृद्धि की प्रक्रिया तेज
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि IMA-MSN छत्तीसगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव तथा इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्टाइपेंड में वृद्धि से जुड़े प्रस्ताव पर तेजी से प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग इस विषय पर गंभीरता से काम कर रहा है और प्रयास किया जा रहा है कि इसी माह इंटर्न डॉक्टरों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।
चिकित्सा शिक्षा के प्रति सरकार संवेदनशील
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी विषयों के प्रति संवेदनशील है। सरकार इंटर्न डॉक्टरों सहित चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों और युवा डॉक्टरों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षित मानव संसाधन ही मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला हैं। इसलिए सरकार चिकित्सा शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
क्या है मामला
प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड वृद्धि की मांग कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन की तैयारी चल रही थी। स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई चर्चा और सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन टाल दिया गया है। अब इंटर्न डॉक्टरों की नजर सरकार के उस फैसले पर है, जो स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर इसी माह आने की संभावना जताई गई है।



