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हरियाणा की शराब बिलासपुर में: अवैध तस्करी के कारण छत्तीसगढ़ के खजाने में पड़ रहा डाका

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 बड़े तस्करों के गुर्गे पकड़े जा रहे

Bilaspur। छत्तीसगढ़ केबिलासपुर में हरियाणा की शराब की लगातार तस्करी प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हालिया कार्रवाई में जब्त हरियाणा की 12.75 लीटर विदेशी शराब ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन हैं मुख्य तस्कर?

हरियाणा की शराब तस्करी के पीछे एक संगठित नेटवर्क का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। ये तस्कर स्थानीय बाजार में हरियाणा की शराब को सस्ते दामों में बेचकर छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हरियाणा में शराब की उत्पादन लागत कम और कर भी न्यूनतम है, जिससे यह अन्य राज्यों के मुकाबले सस्ती पड़ती है। तस्कर इस कीमत के अंतर का फायदा उठाकर इसे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।

कैसे पहुंच रही है शराब?

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, तस्करी के लिए कई साधनों का उपयोग किया जा रहा है:

  1. रेल मार्ग:
    • हरियाणा से छत्तीसगढ़ तक ट्रेन के जरिए शराब पहुंचाई जा रही है। यह तरीका तस्करों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि ट्रेनों में सामान की जांच सीमित होती है।
  2. सड़क मार्ग:
    • हरियाणा से आने वाले वाहनों, जैसे ट्रक, कार, और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये वाहन लंबे रूटों और ग्रामीण मार्गों से होते हुए शराब पहुंचाते हैं, ताकि चेकपॉइंट्स से बचा जा सके।

बिलासपुर में हरियाणा की शराब की मांग क्यों है?

हरियाणा की शराब की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण हैं:

  1. कीमत में अंतर:
    हरियाणा की शराब छत्तीसगढ़ की तुलना में सस्ती है। इसका उत्पादन कम लागत में होने के कारण इसे तस्करी के जरिए बेचने पर मुनाफा अधिक होता है।
  2. गुणवत्ता का प्रचार:
    तस्करों द्वारा हरियाणा की शराब को बेहतर गुणवत्ता का बताकर उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जाता है।
  3. स्थानीय आपूर्ति की कमी:
    कई बार स्थानीय बाजार में ब्रांडेड विदेशी शराब की कमी होने पर तस्करी की शराब को विकल्प के रूप में पेश किया जाता है।

छत्तीसगढ़ के खजाने को नुकसान

हरियाणा की शराब की तस्करी छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग को सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान पहुंचा रही है। तस्करी की शराब पर राज्य सरकार को कर नहीं मिलता, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का घाटा हो रहा है।

समस्या की जड़

  • राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत:
    तस्करी के इस नेटवर्क में कुछ स्थानीय संपर्कों की भूमिका हो सकती है, जो प्रशासनिक कार्रवाई से बचने में मदद करते हैं।
  • सीमा और परिवहन निगरानी में कमी:
    राज्य की सीमाओं और रेलवे स्टेशनों पर सख्त निगरानी नहीं होने के कारण तस्करी आसानी से हो रही है।

बड़ी कार्रवाई की जरूरत

  1. रेलवे और सड़क मार्ग पर जांच बढ़ाना:
    रेलवे स्टेशनों और प्रमुख सड़क मार्गों पर नियमित जांच और ट्रकों के लिए एक्स-रे स्कैनर लगाए जाएं।
  2. स्थानीय नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई:
    तस्करों और उनके स्थानीय संपर्कों को पहचानने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
  3. जनजागरूकता अभियान:
    जनता को जागरूक करना जरूरी है कि तस्करी की शराब के इस्तेमाल से न केवल राज्य के राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकती है।बिलासपुर में हरियाणा की शराब की तस्करी की समस्या को खत्म करने के लिए प्रशासन को सख्ती के साथ संगठित कार्रवाई करनी होगी। मुख्य तस्करों को पकड़कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है, ताकि छत्तीसगढ़ का खजाना मजबूत रहे और अवैध कारोबार पर लगाम लग सके
  4. आबकारी विभागकी कार्रवाई: अवैध शराब और वाहन जब्त
    आबकारी विभाग, बिलासपुर ने अवैध शराब परिवहन और विक्रय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में विदेशी मदिरा और वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त सह सचिव श्रीमती आर. संगीता, प्रबंध संचालक  श्याम लाल धावड़ेर कलेक्टर  अवनीश शरण के निर्देशानुसार की गई।

  5. कायम प्रकरण: 2
    जब्त मदिरा:
    हरियाणा प्रांत की विदेशी मदिरा (12.75 लीटर)
    जब्त वाहन:
    1 कार (हाईराइडर)
    1 स्कूटी
    आरोपी:
    शंकर रजक (पिता: देव सिंह, निवासी: बिलासपुर)
    रुषल सिंह (पिता: मनप्रीत सिंह, निवासी: बिलासपुर)
    कार्रवाई का विवरण:
    सूचना के आधार पर आबकारी विभाग के पश्चिम वृत्त प्रभारी डॉ. समीर मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अवैध मदिरा के परिवहन और विक्रय की सूचना पर टीम ने छापा मारा, जहां हरियाणा प्रांत से लाई गई 12.75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इसके साथ ही एक हाईराइडर कार और एक स्कूटी भी जब्त की गई।
    आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59(क), और 36 के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले की विवेचना जारी है।
    टीम का योगदान:
    इस सफल कार्रवाई में वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी डॉ. समीर मिश्रा के साथ उपनिरीक्षक श्री धर्मेंद्र शुक्ला, भूपेंद्र जामड़े, और मुख्य आरक्षक नवनीत पांडेय, श्रीकांत राठौर, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, गौरव, प्रभुवन सहित वाहन चालक दीपक लिबर्टी और कृष्णा ने विशेष योगदान दिया।
    आगे की कार्रवाई:
    इस मामले में जब्त शराब और वाहनों की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों से अवैध शराब के स्रोत और इसके वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।
    आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्ती और निगरानी को दर्शाता है। अधिकारीगण ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हालत में पनपने नहीं दिया जाएगा।
  6. आरोपी
  7. शंकर रजक (पिता: देव सिंह, निवासी: बिलासपुर)
    रुषल सिंह (पिता: मनप्रीत सिंह, निवासी: बिलासपुर)

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