

बिलासपुर। सिम्स संस्थान में कार्यरत चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों के कार्य कौशल को उत्कृष्ठ बनाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल, अपने स्वयं के व्यक्तित्व, मरीजों के प्रति व समाज के उत्तरदायित्व व जिम्मेदारिया के बारे में बताया गया। ताकि सिम्स में आने सभी मरीजों का संपूर्ण देखभाल प्राप्त हो सके।
मेडिकल कॉलेज सिम्स के डीन अधिष्ठाता डॉ रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर लाखन सिंह आदेश में इस कार्य को हर हर सप्ताह में किया जाएगा इसका मुख्य उद्देश्य है समस्त कर्मचारियों को समय-समय पर नई ट्रेनिंग जिससे कार्य प्रणाली में सुचारू और गंभीरता से करने का अनुभव प्राप्त होगा और इससे मरीज और डॉक्टर के बीच में समन्वय स्थापित करने कार्य का संचालन करने में सफलता मिलेगी और मरीजों को परिजनों को सहयोग का अनुभव प्राप्त होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. एआर बेन के द्वारा किया गया। कर्मचारियों को रक्त जनित रैमो व बायो मिडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी दी गई। वरीष्ठ नर्सिंग स्टाफ दीपा शर्मा व गंगा पटेल ने अस्पताल विसंक्रमण व नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में बताया। निडिल प्रिक से जुड़े हुए स्वास्थ दुष्प्रभाव की जानकारी व रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। नीडल को उपयोग के बाद रिकैप नहीं किया जाना चाहिए। नीडल को उपयोग के बाद नीडल बर्नर से डिस्पोज करना चाहिए। नीडल प्रिक हो जाने पर मरीज का एचआईवी स्टेटस पॉजिटिव आने पर तुरंत उपचार के लिए एआरटी की पीईपी सेंटर से लेना है। पॉजिटिव मरीज की देखभाल करने में सतर्कता बरतनी चाहिए। नीडल प्रिक होने पर सबसे पहले पानी से हाथ धोए। कार्यक्रम का संचालन संजीता केवट व पुष्पलता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सभी चतुर्चु श्रेणी कर्मचारी उपस्थित रहे।



