कोरबा। जिले की विशेष अदालत ने 4 साल पुराने दिल दहला देने वाले दुष्कर्म औरहत्याकांडके मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पहाड़ी कोरवा समुदाय के पिता, बेटी और भतीजी की हत्या के मामले में 5 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास दिया गया है। यह जघन्य घटना 29 जनवरी 2021 को लेमरु थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
क्या था मामला?
29 जनवरी 2021 को लेमरु थाना क्षेत्र में पहाड़ी कोरवा समुदाय के एक परिवार को अपराधियों ने अपना शिकार बनाया। घटना में एक किशोरी के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। अपराधियों ने पीड़िता के पिता और भतीजी को भी बेरहमी से मार डाला। यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली थी और समाज के लिए एक बड़ा झटका थी।वनांचल क्षेत्र लेमरू में सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता 4 दिन तक तड़पती रही और दम तोड़ दिया. नशे की हालत में 6 लोगों ने किशोरी से दुष्कर्म किया. आरोपी ने इस दुष्कर्म पर पर्दा डालने के लिए ही मौके पर मौजूद उसके पिता और 4 साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतार दिया था. हालांकि हत्या की ठोस वजह अब भी पुलिस सामने नहीं ला सकी है, लेकिन दुष्कर्म के बाद साक्ष्य छिपाना या पैसों का लेनदेन ही इस भयावह वारदात का मुख्य कारण माना जा रहा है.
4 दिन जिंदगी के लिए लड़ी जंग
लेमरू पुलिस की टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल गढ़-उपरोड़ा के 1 किलोमीटर पहले पिता और बच्ची का शव बरामद किया. पास में ही 16 वर्षीय नाबालिग बेहोश और घायल अवस्था में मिली थी, जिसे तत्काल पुलिस टीम ने जिला अस्पताल के लिए रवाना किया. जिला अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही पीड़िता ने दम तोड़ दिया. मामले में मुख्य आरोपी संतराम मंझवार, पिता धीर साय, अनिल कुमार सारथी, उमाशंकर यादव, आनंद राम पनिका, परदेशी राम पनिका, अब्दुल जब्बार उर्फ विक्की को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में संतराम ने 29 जनवरी को घर से जाते समय गढ़-उपरोड़ा के पहाड़ी जंगल के रास्ते में शराब पीकर 55 वर्षीय पिता और नातिन की हत्या करना स्वीकार किया. आरोपी ने 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करना भी स्वीकार किया है।
अदालत का सख्त फैसला
विशेष अदालत ने इस मामले की गंभीरता और अपराध की नृशंसता को देखते हुए 5 आरोपियों को फांसी की सजा और एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह फैसला समाज में सख्त संदेश देने और अपराधियों को सबक सिखाने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्यों दी गई फांसी की सजा?
आरोपियों ने एक मासूम किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जो जघन्य अपराध है।दुष्कर्म के बाद हत्या को अंजाम दिया गया।



