बिलासपुर। तखतपुर के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल में 8 जनवरी को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां प्रैक्टिकल के दौरान कक्षा 11वीं के एक छात्र ने अपने साथी छात्र की पीठ पर एसिड डाल दिया। इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है मामला
कक्षा 11वीं के पीड़ित छात्र के पिता पी. बेनेट के अनुसार, उनका बेटा स्कूल में प्रैक्टिकल क्लास में था। इसी दौरान सहपाठी ने बेटे की पीठ पर एसिड डाल दिया, जिससे वह झुलस गया। घायल छात्र को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।
पी. बेनेट ने बताया कि स्कूल में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
क्या कहना है प्रबंधन का
घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल प्राचार्य मौशमी रॉबिंसन ने बताया कि दोनों छात्रों के अभिभावकों के साथ चर्चा की गई और आरोपी छात्र को 20 जनवरी तक स्कूल से रेस्टीगेट कर दिया गया है। हालांकि, यह कदम अभिभावकों को पर्याप्त नहीं लग रहा, और वे सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
तखतपुर के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कामेश्वर बैरागी ने कहा कि घटना की जानकारी अभी प्राप्त हुई है। वे इस मामले में स्कूल प्रबंधन से चर्चा करेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे।
सुरक्षा पर सवाल:
इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रैक्टिकल लैब में खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है, और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं हो रहा।
क्या है जरूरी
1. प्रैक्टिकल क्लास में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
2. लैब में सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाई जाए।
3. छात्रों को रसायनों के सुरक्षित उपयोग पर जागरूक किया जाए।
4. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त अनुशासनात्मक नियम बनाए जाएं।
यह घटना न केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छात्रों को नैतिक और सुरक्षित व्यवहार के लिए सही दिशा-निर्देश देने की आवश्यकता है।



