अवैध शिकार के दौरान सीने में लगी गोली से युवक की मौत, परिजनों को धमकाकर करवा दिया अंतिम संस्कार, पुलिस को पेट दर्द से मौत की झूठी कहानी सुनाई गई।
बिलासपुर, जीपीएम।
छत्तीसगढ़ के गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में 18 वर्षीय युवक की मौत को प्राकृतिक बताकर दबाने की साजिश का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अवैध शिकार के दौरान चली गोली से युवक की मौत हुई थी, लेकिन घटना में शामिल लोगों ने सबूत मिटाने के लिए शव का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस की गहन जांच में पूरा षड्यंत्र उजागर हुआ और इस हाई-प्रोफाइल शिकार कांड में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त भरमार बंदूक, एयर गन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
जंगल में अवैध शिकार के दौरान हुई एक युवक की मौत को बीमारी बताकर दबाने की साजिश आखिरकार पुलिस की जांच के सामने बेनकाब हो गई। गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली खैरवाटोला निवासी सरवन सिंह कुशराम (18 वर्ष) की मौत को पहले पेट दर्द से हुई सामान्य मृत्यु बताया गया था, लेकिन पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि युवक की मौत गोली लगने से हुई थी।
मामला 28 जून का है। पुलिस को सूचना दी गई थी कि सरवन सिंह कुशराम की पेट दर्द के कारण मौत हो गई और परिजनों ने उसी दिन सुबह करीब 9 बजे उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। शव का अंतिम संस्कार बिना पुलिस को सूचना दिए किए जाने से मामला शुरू से ही संदेह के घेरे में था।
पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी के निर्देशन में गठित टीम ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की। गांव पहुंचकर पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें लगातार विरोधाभासी जानकारी सामने आने लगी।
जंगल में अवैध शिकार के दौरान चली थी गोली
पुलिस पूछताछ में मृतक के बड़े भाई पवन सिंह कुशराम और पिता देवशरण कुशराम ने आखिरकार पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।
उन्होंने बताया कि 27 जून को ग्राम दरमोहली के अक्ट्टा जंगल में कई लोग मिलकर जंगली जानवर का अवैध शिकार करने गए थे। इसी दौरान आरोपी रामायण कुशराम ने भरमार बंदूक से फायर किया। गोली सीधे सरवन सिंह कुशराम के सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौत के बाद रची गई साजिश
गोली लगने से युवक की मौत के बाद घटना में शामिल सभी लोगों ने मिलकर मामले को दबाने की योजना बनाई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मृतक के भाई और पिता को जान से मारने की धमकी दी, ताकि वे पुलिस को सच्चाई न बता सकें।
धमकी से डरे हुए परिजनों ने पुलिस को यह झूठी जानकारी दी कि सरवन की मौत पेट दर्द से हुई है। इसके बाद अगले ही दिन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे गोली लगने के साक्ष्य भी समाप्त हो जाएं।
पोस्टमार्टम नहीं हो सका
चूंकि शव का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था, इसलिए पुलिस पोस्टमार्टम नहीं करा सकी। यही वजह रही कि शुरुआती स्तर पर मौत की असली वजह सामने नहीं आ सकी। बाद में लगातार पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूरी साजिश का पर्दाफाश किया।
12 आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने अवैध शिकार, लापरवाही से मौत, साक्ष्य छिपाने, अपराध की जानकारी छुपाने और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हथियार और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त—
1 भरमार बंदूक
1 एयर बंदूक
3 मोबाइल फोन
जब्त किए हैं। इन सभी सामग्रियों को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
जांच का टर्निंग पॉइंट
पेट दर्द से मौत की कहानी पर पुलिस को शुरू से संदेह था।
बिना सूचना और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार ने शक को और गहरा किया।
परिजनों से अलग-अलग पूछताछ में सच्चाई सामने आई।
जंगल में अवैध शिकार के दौरान चली गोली से मौत होने का खुलासा हुआ।
धमकी देकर पूरे मामले को दबाने की साजिश का भी पर्दाफाश हो गया।यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि अवैध शिकार, गोली लगने से हुई मौत, साक्ष्य मिटाने की कोशिश और गवाहों को धमकाकर कानून से बचने की संगठित साजिश के रूप में सामने आया है। पुलिस की विस्तृत जांच के बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ और 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।



