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एक्सपायरी दवाइयां डंप कर लोगों की जान से खिलवाड़? निगम ने लगाया सिर्फ 30 हजार का जुर्माना, पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं!

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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छपराभाठा में खुले में मिला अस्पताल से जुड़ा मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों का कचरा, नगर निगम की जांच में सामने आई लापरवाही
बिलासपुर। शहर के मंगला क्षेत्र के छपराभाठा में एक्सपायरी दवाइयों और मेडिकल वेस्ट को अनधिकृत तरीके से डंप किए जाने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने श्रीराम केयर हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की है। निगम की कार्रवाई में अस्पताल पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही एक बड़ा सवाल भी सामने आया है—जब मामला मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों के अनधिकृत निपटान से जुड़ा था और इससे आम लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर खतरा पैदा हो सकता था, तो क्या केवल 30 हजार रुपये का जुर्माना ही कार्रवाई का आधार बना, या पुलिस स्तर पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए था?
5 सितंबर को निरीक्षण में सामने आया मामला
नगर निगम के अधिकारियों द्वारा 5 सितंबर को छपराभाठा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीराम केयर हॉस्पिटल से संबंधित एक्सपायरी दवाइयां और मेडिकल वेस्ट निर्धारित तरीके से निपटाए जाने के बजाय अनधिकृत रूप से डंप किया हुआ पाया गया।
मामला सामने आने के बाद इसकी जांच और निरीक्षण किया गया। निगम के अनुसार जांच में संबंधित संस्था की लापरवाही सामने आई। इसके बाद निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अस्पताल पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरा नहीं, फिर अनधिकृत डंपिंग कैसे?
इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों की प्रकृति से जुड़ा है। अस्पतालों से निकलने वाला कचरा सामान्य घरेलू या व्यावसायिक कचरे की श्रेणी में नहीं आता। इसमें ऐसी सामग्री भी शामिल हो सकती है, जिसके संपर्क में आने से स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।
नगर निगम ने भी अपनी कार्रवाई में स्पष्ट किया है कि मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों को खुले में अथवा अनधिकृत स्थान पर डंप करना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर लापरवाही है। ऐसे कचरे का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत एजेंसी के माध्यम से सुरक्षित निपटान किया जाना आवश्यक है।
यही वजह है कि छपराभाठा में अस्पताल से संबंधित इस तरह का कचरा मिलना महज सफाई व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं रह जाता, बल्कि इसके साथ जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और मेडिकल वेस्ट के निपटान की पूरी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आती है।
30 हजार का जुर्माना, लेकिन पुलिस में FIR का सवाल क्यों उठा?
नगर निगम ने अपनी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
लेकिन मामले में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों के अनधिकृत डंपिंग जैसे मामले में केवल नगर निगम का जुर्माना पर्याप्त कार्रवाई है?
अगर किसी अस्पताल से संबंधित एक्सपायरी दवाइयां और मेडिकल वेस्ट निर्धारित व्यवस्था से बाहर जाकर किसी स्थान पर डंप किए गए थे, तो इस मामले में पुलिस में FIR की कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह सवाल भी चर्चा में है।
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि निगम की अपनी कार्रवाई में ही इस कृत्य को पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर लापरवाही बताया गया है। ऐसे में प्रशासनिक जुर्माने के साथ आपराधिक स्तर पर कार्रवाई हुई या नहीं, यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
जिम्मेदारी किसकी थी, कचरा वहां तक पहुंचा कैसे?
मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल मेडिकल वेस्ट की पूरी चेन को लेकर है। अस्पताल से निकलने के बाद एक्सपायरी दवाइयों और मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी किस व्यवस्था के तहत तय थी, कचरे को कहां ले जाया जाना था और छपराभाठा तक यह कचरा किस प्रक्रिया के तहत पहुंचा—ये सभी सवाल इस मामले को और गंभीर बनाते हैं।
नगर निगम के निरीक्षण में अस्पताल से संबंधित कचरा अनधिकृत रूप से डंप किया हुआ पाया गया है। ऐसे में कचरे के स्रोत से लेकर डंपिंग स्थल तक की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में आने वाला महत्वपूर्ण पहलू बन जाती है।
निगम की चेतावनी—दोबारा हुआ तो और कड़ी कार्रवाई
कार्रवाई के साथ नगर निगम ने श्रीराम केयर हॉस्पिटल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों के निपटान में निर्धारित नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।
निगम की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि इस प्रकार की घटना दोबारा सामने आती है तो संबंधित संस्था के खिलाफ और अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में मेडिकल वेस्ट को लेकर निगरानी का दावा
नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे की ओर से कहा गया है कि शहर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल वेस्ट का अनधिकृत निपटान करने वाले अस्पतालों और संस्थानों पर लगातार निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही गई है।
फिलहाल छपराभाठा में सामने आए मामले में निगम की ओर से 30 हजार रुपये का अर्थदंड और चेतावनी दी गई है। वहीं, मेडिकल वेस्ट और एक्सपायरी दवाइयों के अनधिकृत डंपिंग जैसे मामले में पुलिस स्तर पर FIR दर्ज हुई या नहीं, यह सवाल भी इस कार्रवाई के साथ सामने बना हुआ है।

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