सेंट्रल पूल सीट से पहली बार पहुंची छात्रा, बेल थुल ओ ने लिया MBBS में दाखिला; देश के अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थियों से बढ़ रही संस्थान की शैक्षणिक विविधता
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर की पहचान अब सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रह गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी यहां चिकित्सा शिक्षा के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में नागालैंड की छात्रा बेल थुल ओ ने सिम्स में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर संस्थान के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। खास बात यह है कि सेंट्रल पूल सीट के माध्यम से सिम्स में प्रवेश लेने वाली बेल थुल ओ पहली छात्रा हैं।
8 सितंबर 2026 को उन्होंने सिम्स में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में औपचारिक रूप से प्रवेश लिया। सेंट्रल पूल कोटे से प्रवेश लेने वाली पहली छात्रा के रूप में सिम्स परिवार ने उनका स्वागत किया। उनके प्रवेश के साथ ही सिम्स में चिकित्सा शिक्षा के राष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूती मिली है।
नागालैंड के विद्यार्थियों का सिम्स पर बढ़ा भरोसा
सिम्स में नागालैंड से विद्यार्थियों का आना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी नागालैंड के विद्यार्थी यहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। विगत वर्षों में प्रवेशित नागालैंड के 6 छात्र-छात्राएं वर्तमान में सिम्स मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत हैं।
इन विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी सिम्स में उपलब्ध शैक्षणिक व्यवस्था और अध्यापन कार्य की सराहना की है। ऐसे में सेंट्रल पूल के माध्यम से नागालैंड की नई छात्रा का प्रवेश संस्थान में देश के अन्य हिस्सों से आने वाले विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया के बीच सिम्स में अभी भी सीटें खाली
एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया के लिहाज से भी सिम्स में महत्वपूर्ण स्थिति बनी हुई है। राज्य कोटा और ऑल इंडिया कोटा के प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रथम चरण के बाद स्टेट कोटा की 115 तथा ऑल इंडिया कोटा की 1 सीट के संबंध में प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो सिम्स में—
स्टेट कोटा की 9 सीटें रिक्त हैं।
ऑल इंडिया कोटा की 21 सीटें रिक्त हैं।
सेंट्रल पूल कोटा की 3 सीटें रिक्त हैं।
इस बीच एमबीबीएस प्रवेश के द्वितीय चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है, जबकि द्वितीय चरण के तहत प्रवेश प्रक्रिया 12 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी।
अधिष्ठाता बोले—देशभर के विद्यार्थियों का सिम्स में स्वागत
सेंट्रल पूल सीट के माध्यम से नागालैंड की छात्रा के प्रवेश पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सेंट्रल पूल सीट के माध्यम से नागालैंड की छात्रा का सिम्स में प्रवेश होना संस्थान के लिए खुशी का विषय है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी सिम्स में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए आ रहे हैं। सेंट्रल पूल कोटे से प्रवेश लेने वाली पहली छात्रा के रूप में बेल थुल ओ का सिम्स परिवार में स्वागत है।
डॉ. मूर्ति ने कहा कि सिम्स में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संस्थान की प्राथमिकता यहां अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना है।
अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थी, एक परिसर में दिखेगा भारत
सिम्स में विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों के पहुंचने को केवल प्रवेश प्रक्रिया की उपलब्धि के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे संस्थान की राष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान के विस्तार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के एक ही परिसर में अध्ययन करने से चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक और सांस्कृतिक विविधता को भी बढ़ावा मिलता है।
नागालैंड की बेल थुल ओ का सेंट्रल पूल सीट से पहला प्रवेश इसी बदलते स्वरूप की महत्वपूर्ण कड़ी है। एक ओर जहां सिम्स में देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संस्थान अपने यहां उपलब्ध शैक्षणिक व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है।सेंट्रल पूल से नागालैंड की पहली छात्रा का प्रवेश इसलिए भी खास है, क्योंकि यह सिर्फ एक विद्यार्थी के एमबीबीएस में दाखिले की कहानी नहीं, बल्कि बिलासपुर के सिम्स के धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर के मेडिकल संस्थान के रूप में उभरते दायरे की तस्वीर भी पेश करता है।



