बिलासपुर। शहर के रिंग रोड-2 स्थित नोबल हॉस्पिटल में भर्ती एक सड़क हादसे के घायल मरीज की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम भिलौनी काठाकोनी निवासी अजय ताम्रकार सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय इलाज के नाम पर पैसे जमा करा लिए, लेकिन मरीज का ऑपरेशन दो दिन तक नहीं किया। उनका कहना है कि ऑपरेशन में हुई देरी के कारण अजय ताम्रकार की हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई।
‘समय पर ऑपरेशन होता तो बच सकती थी जान’
मृतक के परिजनों का कहना है कि अजय को गले के नीचे की हड्डी में चोट लगी थी। यदि समय पर ऑपरेशन कर दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे उपचार को लेकर संदेह पैदा हो गया है।
अस्पताल ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, नोबल हॉस्पिटल प्रबंधन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। अस्पताल का कहना है कि मरीज अस्पताल पहुंचने के समय से ही गंभीर हालत में था। वह उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और मधुमेह (डायबिटीज) जैसी बीमारियों से भी पीड़ित था। अस्पताल के अनुसार, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति और उपचार के दौरान संभावित जोखिमों की जानकारी दे दी गई थी।
परिजनों ने अस्पताल के दावे पर उठाए सवाल
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें कभी यह नहीं बताया गया कि मरीज की हालत इतनी गंभीर है। उनका आरोप है कि इलाज में लापरवाही को छिपाने के लिए अब अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
एफआईआर की मांग, पुलिस कर रही जांच
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत इलाज में कथित लापरवाही के कारण हुई या उसकी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति इसकी वजह थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।



