
6 सूत्रीय मांगों पर सरकार से जल्द निर्णय की मांग; डीए, कैशलेस इलाज, नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा समेत कई मुद्दे उठाए जाएंगे
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ और उससे संबद्ध विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार के समक्ष लंबित कर्मचारी हितों के मुद्दों को लेकर आंदोलनात्मक पहल तेज कर दी है। संगठन ने घोषणा की है कि 7 से 11 जुलाई के बीच प्रदेशभर में स्थानीय सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपकर ‘मोदी की गारंटी’ और चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कर्मचारी हितों से जुड़े वादों को जल्द पूरा करने की मांग की जाएगी।
संघ के जिला अध्यक्ष किशोर कुमार शर्मा ने बताया कि इससे पहले 10 जून 2026 को प्रदेश के सभी जिलों और विकासखंडों में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया था। इसके बावजूद अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश का माहौल है।
इन 6 प्रमुख मांगों पर रहेगा जोर
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 1 जनवरी 2026 से केंद्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) लागू करना, विधानसभा में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए तत्काल दिशा-निर्देश जारी करना, 240 दिनों के बजाय 300 दिनों का अवकाश नगदीकरण लागू करना, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अनियमित कर्मचारियों का रिक्त पदों पर नियमितीकरण तथा सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करना और अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करना शामिल हैं।
सांसद-विधायकों से करेंगे हस्तक्षेप की मांग
संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर जिले के सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा उनसे कर्मचारी हित में राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया जाएगा, ताकि लंबित मांगों का जल्द निराकरण हो सके।
कई कर्मचारी संगठन होंगे शामिल
इस अभियान में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के साथ स्वास्थ्य संयोजक संघ, छत्तीसगढ़ आईटीआई कर्मचारी अधिकारी संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ, निशक्त कर्मचारी अधिकारी संघ, राज्य लघु वनोपज कर्मचारी कल्याण संघ, शासकीय तकनीकी कर्मचारी संघ तथा कर्मचारी अधिकारी पेंशनर्स एसोसिएशन सहित कई कर्मचारी संगठन शामिल रहेंगे।
फैक्ट फाइल
अभियान: 7 से 11 जुलाई 2026
किसे ज्ञापन: प्रदेश के सांसद और विधायक
मुख्य मुद्दे: डीए, कैशलेस इलाज, नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, अवकाश नगदीकरण, सेवा गणना और अनुकंपा नियुक्ति
दावा: चुनावी घोषणा पत्र और ‘मोदी की गारंटी’ के वादों को पूरा कराने की मांग



