मस्तूरी सबसे आगे, कोटा सबसे पीछे; जिले की औसत बारिश 1215.6 मिमी के मुकाबले अब तक 212.5 मिमी दर्ज
बिलासपुर। जिले में मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। 5 जुलाई 2026 को सुबह तक के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 91.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही 1 जून से 5 जुलाई तक जिले में कुल औसत 212.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत 591.7 मिमी की तुलना में 35.9 प्रतिशत है। जिले की दीर्घकालीन औसत वार्षिक वर्षा 1215.6 मिमी मानी जाती है।

भू-अभिलेख शाखा, कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार अधिकांश तहसीलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। आंकड़े बताते हैं कि मानसून का असर पूरे जिले में दिखाई दे रहा है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी असमान है।
एक दिन की बारिश में रतनपुर अव्वल, मस्तूरी भी चमका
5 जुलाई को हुई वर्षा में सबसे अधिक बारिश रतनपुर तहसील में 24.3 मिमी दर्ज की गई। इसके बाद तखतपुर 14.6 मिमी, बिल्हा 13.2 मिमी, बिलासपुर 10.0 मिमी और बेलगहना 10.0 मिमी बारिश के साथ प्रमुख रहे।
24 घंटे की वर्षा (मिमी)
रतनपुर – 24.3
तखतपुर – 14.6
बिल्हा – 13.2
बिलासपुर – 10.0
बेलगहना – 10.0
सीपत – 7.2
सकरी – 6.4
मस्तूरी – 6.1
पचपेड़ी – 5.5
बेलगहना – 5.2
मस्तूरी – 6.1
कोटा – 2.2
बिलासपुर – 2.5
कुल बारिश में मस्तूरी सबसे आगे, कोटा सबसे पीछे
1 जून से अब तक की संचयी वर्षा के आंकड़ों में मस्तूरी 240.8 मिमी के साथ जिले में सबसे आगे है। वहीं तखतपुर 248.2 मिमी के साथ शीर्ष समूह में है। दूसरी ओर कोटा में केवल 112.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो जिले में सबसे कम है।
1 जून से अब तक वर्षा (मिमी)
तखतपुर – 248.2
मस्तूरी – 240.8
रतनपुर – 239.8
सकरी – 226.4
बेलगहना – 226.9
कोटा – 112.2 (सबसे कम)
10 साल के औसत के मुकाबले कौन आगे, कौन पीछे
बारिश के प्रतिशत के हिसाब से कोटा तहसील सबसे आगे निकलकर आई है। यहां सामान्य औसत के मुकाबले 50.6 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। इसके बाद तखतपुर और बैदरी का स्थान है।
औसत के मुकाबले वर्षा (%)
कोटा – 50.6%
तखतपुर – 46.5%
बैदरी – 46.3%
रतनपुर – 40.6%
बेलगहना – 39.3%
सकरी – 37.8%
जिला औसत – 35.9%
बिल्हा – 33.3%
सीपत – 32.1%
पचपेड़ी – 26.7%
बिलासपुर – 25.9%
बेलतरा – 25.4%
मस्तूरी – 22.4%
जिले की स्थिति एक नजर में
24 घंटे की औसत वर्षा: 91.2 मिमी
1 जून से अब तक औसत वर्षा: 212.5 मिमी
10 वर्षों का औसत (1 जून–5 जुलाई): 591.7 मिमी
औसत के मुकाबले उपलब्धि: 35.9%
जिले की औसत वार्षिक वर्षा: 1215.6 मिमी
कृषि और जलस्रोतों के लिए राहत
लगातार हो रही बारिश से धान की बुआई को गति मिलने की उम्मीद है। तालाबों, नालों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि जिन तहसीलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां किसानों की नजर आगामी दिनों की वर्षा पर टिकी रहेगी।
आगे क्या?
यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह मानसून सक्रिय रहता है तो जिले में वर्षा का प्रतिशत तेजी से बढ़ेगा और खरीफ फसलों के लिए बेहतर परिस्थितियां बनेंगी। फिलहाल आंकड़े बताते हैं कि मानसून ने जिले में अच्छी शुरुआत कर दी है, लेकिन सभी तहसीलों में समान बारिश होना अभी बाकी है।



