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विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार करेगा मंत्रिमंडल का ‘चिंतन शिविर 3.0’

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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आईआईएम रायपुर में 4-5 जुलाई को होगा दो दिवसीय मंथन; नीति, नवाचार, नेतृत्व और सुशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ देंगे मंत्र
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ 4 और 5 जुलाई को रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर में आयोजित होगा। शिविर में विकसित छत्तीसगढ़ के विजन, सुशासन, प्रशासनिक सुधार, विभागीय समन्वय, नवाचार और भविष्य की विकास रणनीति पर व्यापक मंथन होगा। इसमें मंत्रिमंडल के सदस्य राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद करेंगे और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुखी तथा नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में रणनीति तय करेंगे।
राज्य शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप शासन व्यवस्था को नई सोच और आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना है। दो दिनों तक चलने वाले विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रों में शासन के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
विकास के हर बड़े सेक्टर पर होगा मंथन
चिंतन शिविर में प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास से जुड़े विषय एजेंडे में शामिल किए गए हैं। कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास और प्रभावी जनसेवा जैसे क्षेत्रों पर अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे।
इन चर्चाओं के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री बोले- शासन को भी समय के साथ सीखना और बदलना जरूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन व्यवस्था को भी लगातार सीखने, स्वयं का मूल्यांकन करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को लगातार बेहतर बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना चाहती है जो पारदर्शी, जवाबदेह, संवेदनशील और परिणाम आधारित हो, ताकि उसका सीधा लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।
राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। पहले दिन आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास नेतृत्व, जीवन मूल्यों और प्रेरक प्रबंधन पर व्याख्यान देंगे।
इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। वहीं रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष व्याख्यान देंगे।
दूसरे दिन योग से शुरुआत, फिर पर्यटन से लेकर सुशासन तक चर्चा
शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रस्तुति देंगे। शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति और विकास के विषय पर अपने विचार रखेंगे।
ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति पर अनुभव साझा करेंगे, जबकि विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन से जुड़े विषयों पर व्याख्यान देंगे।
स्पेशल: चिंतन शिविर के फोकस एरिया
विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर रणनीतिक मंथन
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
उद्योग एवं निवेश बढ़ाने की कार्ययोजना
पर्यटन और सेवा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा
शासन में तकनीक और नवाचार का अधिक उपयोग
विभागों के बीच बेहतर समन्वय की रणनीति
नेतृत्व विकास और परिणाम आधारित प्रशासन
नागरिक-केंद्रित सेवाओं की नई कार्यसंस्कृति
सरकार किन उद्देश्यों के साथ कर रही आयोजन
शासन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देना
निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना
विभागीय अभिसरण और समन्वय मजबूत करना
परिणामोन्मुख प्रशासनिक संस्कृति विकसित करना
तकनीक आधारित समाधान और ई-गवर्नेंस को गति देना
योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता में सुधार
जनसेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना

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