
बिलासपुर/रायपुर, कवर्धा। मानसून अपने साथ राहत लेकर आता है, लेकिन यही मौसम लापरवाही और अनियंत्रित बिजली व्यवस्था के बीच जानलेवा भी साबित हो रहा है। बारिश के दौरान खेतों में दौड़ता करंट, बिजली के खंभों में उतरता विद्युत प्रवाह और गीली जमीन पर फैलती बिजली अब सीधे लोगों की जान ले रही है। शुक्रवार और शनिवार को बिलासपुर, रायपुर और कवर्धा जिले में सामने आईं चार अलग-अलग घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। कहीं खेत में काम कर रही पूर्व सरपंच और उनके दो बेटे करंट की चपेट में आ गए, कहीं पिता-पुत्र खेत में बिछे बिजली के तारों से मौत का शिकार हो गए। एक आठ साल का मासूम बिजली के खंभे की अर्थिंग छूते ही जिंदगी हार गया, तो कोटा में बिजली के खंभे पर काम कर रहे ठेका कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े खतरे को सबसे बड़ी चिंता बना दिया है।
केस-1 : खेत में बिछे तार ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, पूर्व सरपंच और दो बेटों की मौके पर मौत
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम भाड़म में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। गांव की पूर्व सरपंच दसन बाई अपने खेत की मेड़ पर जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए जीआई तार और नायलॉन रस्सी से घेराबंदी करने पहुंची थीं। उनके साथ बड़ा बेटा विवेक सिंगरौल (23) और छोटा बेटा सत्यव्रत सिंगरौल (14) भी था।
काम के दौरान खेत में बिछे तार में अचानक करंट दौड़ गया। सबसे पहले दसन बाई उसकी चपेट में आईं। मां को बचाने के लिए दोनों बेटे दौड़े, लेकिन वे भी करंट की गिरफ्त में आ गए। तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
शाम को खेत पहुंचा पति, सामने था पत्नी और दोनों बेटों का शव
मृतका के पति सीताराम सिंगरौल, जो पेशे से ड्राइवर हैं, काम से लौटने के बाद जब घर पहुंचे तो पत्नी और दोनों बेटे नहीं मिले। तलाश करते हुए खेत पहुंचे तो वहां तीनों के शव पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
केस-2 : मवेशियों से फसल बचाने के लिए दौड़ाया करंट, पिता-पुत्र दोनों नहीं बच सके
कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के बीरनपुर कला गांव में गौकरण पटेल (55) अपने बेटे परमेश पटेल (22) के साथ धान की नर्सरी तैयार कर रहे थे।
खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तारों में थ्री-फेज बिजली प्रवाहित थी। सफाई के दौरान गौकरण करंट की चपेट में आए। उन्हें बचाने के लिए बेटा दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बिजली विभाग ने कही यह बात
बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता के अनुसार खेत में किसान ने स्वयं बिजली प्रवाहित की थी। विभाग का कहना है कि खेतों की सुरक्षा के लिए पल्स फेंसिंग का उपयोग किया जाता है, लेकिन सीधे बिजली लाइन जोड़ना बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
केस-3 : खेलते-खेलते मौत से सामना, अर्थिंग तार छूते ही चली गई मासूम की जान
कवर्धा जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला (माठपुर) गांव में आठ वर्षीय श्रवण बैगा घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसका हाथ सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे की अर्थिंग तार से छू गया। अर्थिंग में करंट होने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
केस-4 : बिजली के खंभे पर ड्यूटी कर रहा था कर्मचारी, अचानक चालू हुई लाइन और चली गई जान
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के ग्राम अमाली निवासी नीलकमल भारद्वाज (25) बिजली विभाग में ठेका कर्मचारी थे। बुधवार को वे गड्ढापारा स्थित आईटीआई कॉलेज के पास बिजली के खंभे पर मरम्मत कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक लाइन में विद्युत प्रवाह शुरू हो गया। नीलकमल गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस यह जांच कर रही है कि कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
बारिश और बिजली… हर तरफ बढ़ता खतरा
मानसून के दौरान गीली मिट्टी, पानी से भरे खेत, खुले बिजली तार, बिजली के खंभों में लीकेज और खेतों की घेराबंदी में अवैध रूप से बिजली प्रवाहित किए जाने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यही वजह है कि खेत, सड़क और बिजली के खंभे कई जगह मौत के जाल में बदलते नजर आ रहे हैं।
केस 5
रायपुर में दर्दनाक हादसा: छत पर सोलर पैनल लगा रहे दो मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए, मौके पर मौत
रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रोफेसर कॉलोनी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में सोलर पैनल लगा रहे दो मजदूरों की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक मकान की छत पर सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान पैनल उठाते समय वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही दोनों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान प्रमोद चंद्राकर (25 वर्ष) और आशीष चंद्राकर (19 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में
भाड़म (कोटा) : पूर्व सरपंच दसन बाई और उनके दो बेटों की खेत में करंट लगने से मौत।
बीरनपुर कला (कवर्धा) : खेत में दौड़ते करंट की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौत।
नागाटोला (कवर्धा) : बिजली के खंभे की अर्थिंग छूने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत।
कोटा (बिलासपुर) : बिजली के खंभे पर काम करते समय ठेका कर्मचारी की करंट से मौत।
सिर्फ एक दिन में सामने आए इन हादसों ने बारिश के मौसम में बिजली से जुड़े खतरों की भयावह तस्वीर सामने ला दी।



