बिलासपुर। एयर एम्बुलेंस सेवा में कथित लापरवाही के एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिलासपुर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने बिलासपुर निवासी एक महिला की शिकायत पर सुनवाई करते हुए एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी माना है और कंपनी को शिकायतकर्ता को भुगतान की गई राशि वापस करने सहित अन्य मदों में भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्रकरण कैंसर से पीड़ित एक मरीज को इलाज के लिए बिलासपुर से दिल्ली एयर एम्बुलेंस के माध्यम से ले जाने से संबंधित है। शिकायतकर्ता के अनुसार मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एयर एम्बुलेंस सेवा लेने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड को 7 लाख 50 हजार रुपये अग्रिम रूप से जमा किए गए थे।
शिकायत में कहा गया कि तय तिथि पर एयर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को निर्धारित समय पर दिल्ली नहीं ले जाया जा सका। बाद में मरीज की मृत्यु हो गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सेवा में कमी और आर्थिक तथा मानसिक क्षति का हवाला देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के तर्कों का परीक्षण किया। सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि संबंधित कंपनी द्वारा निर्धारित सेवा उपलब्ध कराने में कमी रही, जिसके कारण उपभोक्ता को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा।
आयोग ने अपने आदेश में कंपनी को निर्देशित किया है कि वह 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए जमा कराई गई 7 लाख 50 हजार रुपये की राशि वापस करे। इसके साथ ही उक्त राशि पर निर्धारित दर से ब्याज का भुगतान भी किया जाए।
आयोग ने मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के मद में भी अतिरिक्त राशि अदा करने का आदेश कंपनी को दिया है। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य आलोक पांडे ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने निर्णय पारित किया है, जिसमें सेवा में कमी को ध्यान में रखते हुए शिकायतकर्ता को राहत प्रदान करने का आदेश दिया गया है।



