





खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों की परेशानी बढ़ी, सहकारी समितियों में डीएपी-यूरिया नहीं मिलने की शिकायत; कालाबाजारी और जमाखोरी के आरोपों के साथ कांग्रेस नेताओं ने सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बिलासपुर जिले में किसानों को खाद एवं बीज नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि जिले की अनेक सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया, पोटाश, सुपर फास्फेट सहित आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण नहीं है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रतनपुर ग्रामीण के अध्यक्ष प्रभंजन (बंटी) बैसवाड़े, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बेलतरा के अध्यक्ष धनंजय सिंह ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरकंडा के अध्यक्ष हितेश देवांगन, l कार्यकारी अध्यक्ष अनिल यादव तथा विधानसभा प्रभारी झगरराम सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
“खाद के लिए समितियों के चक्कर काट रहे किसान”
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बोनी और रोपाई की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे समय में खाद एवं बीज की कमी किसानों के सामने गंभीर संकट बनकर खड़ी हो गई है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की कई सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है। किसानों को खाद लेने के लिए बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई स्थानों पर किसानों को घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद उनकी जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पा रहा है। समितियां मांग के अनुरूप आपूर्ति करने में असमर्थ दिखाई दे रही हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की तरह ही जिले की अन्य सहकारी समितियों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।
कालाबाजारी और कृत्रिम अभाव के आरोप
कांग्रेस ने खाद संकट के पीछे कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका भी जताई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सहकारी समितियों में खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी विक्रेता और बिचौलिए किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार कई किसान मजबूरी में अधिक कीमत चुकाकर खाद खरीदने को विवश हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ स्थानों पर कृत्रिम कमी पैदा करने का खेल खेला जा रहा है, जिससे किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।
“कृषि प्रधान जिले में किसानों को भटकना पड़ रहा”
ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि प्रधान जिले में अन्नदाता किसानों को खाद और बीज जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भटकना पड़ना चिंताजनक स्थिति है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर खरीफ फसल, कृषि उत्पादन, किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेने और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
कांग्रेस की 10 प्रमुख मांगें
ज्ञापन में जिला प्रशासन के समक्ष दस प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
1. पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र सहित जिले की सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं अन्य उर्वरकों का पर्याप्त आवंटन और उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
2. स्टॉक खत्म होने वाली समितियों को प्राथमिकता
जिन समितियों में खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है या अत्यंत सीमित है, वहां अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
3. स्टॉक और वितरण की सार्वजनिक जानकारी
प्रत्येक समिति में उपलब्ध खाद के स्टॉक और वितरण की जानकारी प्रतिदिन सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गई है।
4. कालाबाजारी पर कार्रवाई
जमाखोरी, कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की गई है।
5. संयुक्त निगरानी टीम का गठन
कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त निगरानी टीम गठित कर नियमित निरीक्षण कराने की मांग उठाई गई है।
6. व्यवस्थित वितरण व्यवस्था
किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पर्याप्त स्टॉक, टोकन व्यवस्था और व्यवस्थित वितरण प्रणाली लागू करने की मांग की गई है।
7. खुले बाजार की निगरानी
खुले बाजार में खाद, बीज और कृषि आदानों की उपलब्धता तथा मूल्य की नियमित निगरानी की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
8. हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष
किसानों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग की गई है।
9. विशेष आपूर्ति अभियान
जिन क्षेत्रों में खाद संकट अधिक है, वहां विशेष आपूर्ति अभियान चलाने की मांग की गई है।
10. जिला स्तरीय कार्ययोजना
खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय कार्ययोजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करने की मांग की गई है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें रोहित कौशिक, संतोष सिंह राज, ध्रुव कुमार साहू, संतोष कुमार, उदल सूर्यवंशी, नीरज सोनी, रूपनारायण बच्छ, दादूराम शिकारी, संतोष कुमार केवट, अर्चना सूर्यवंशी, कमल कश्यप, इंद्र कुमार साहू, सोनू, रामकुमार भोई, राजकुमार कोरी, सुनील सोनकर, सुरेश कुमार, नारायण साहू, अविनाश रजक, बहोरन साहू, संजय साहू, शालिकराम साहू, छोटकु साहू, मनीष गढ़ेवाल, मनीष सेंगर, परमेश्वर सूर्यवंशी, रामफल कौशिक, संतोष केवट, आकाश यादव, कृष्णा कुमार श्रीवास, चदराम श्याम, सत्यनारायण मरकाम, राघवेंद्र गहवाई, परमेश्वर मिरी, डॉ. संजय साहू, बाली गंधर्व, संत गढ़ेवाल और संतोष कोरम सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
खरीफ सीजन के बीच खाद उपलब्धता बना बड़ा मुद्दा
धान उत्पादन के लिए पहचान रखने वाले बिलासपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर उठे सवालों ने किसानों की समस्याओं को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस ने इसे किसानों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए प्रशासन के समक्ष विस्तृत मांगपत्र प्रस्तुत किया है, जबकि अब जिले में खाद उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों पर किसानों की नजर बनी हुई है।



