बिलासपुर। कांग्रेस नेता श्याम कश्यप की हत्या के लिए ₹5-5 लाख की सुपारी देकर रची गई साजिश का तारबाहर थाना पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र के युवकों को बिलासपुर बुलाकर श्याम कश्यप को रास्ते से हटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोपी रेलवे अस्पताल के पास पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही श्याम कश्यप 4 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए वहां पहुंचे, हमलावरों ने मुंह पर कपड़ा बांधकर उन पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक पूरी साजिश का कथित मास्टरमाइंड दीपक तिवारी, निवासी गौरेला-पेंड्रा, है। उसने श्याम कश्यप की हत्या के बदले हमलावरों को प्रत्येक को पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने मामले में नितिन टेकाम (21), निवासी पटेराटोला, थाना गौरेला, जिला जीपीएम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी अभिरक्षा में लेकर बाल न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं कथित मास्टरमाइंड दीपक तिवारी और आरोपी साहिल सोनकर फरार हैं।
मुंह बांधकर पहुंचे थे हमलावर, बोले—जान से मार देंगे
तारबाहर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 221/2026 के मुताबिक 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे श्याम कश्यप मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास तीन युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर पहुंचे। उनके हाथों में लकड़ी के डंडे थे।
आरोपियों ने श्याम कश्यप को अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और उनके सिर, हाथ तथा पैरों पर डंडों से लगातार वार किए। अचानक हुए हमले में श्याम कश्यप घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट श्याम कश्यप के पुत्र शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में दर्ज कराई थी।
CCTV ने खोली हमले के पीछे छिपी पूरी साजिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध मोटरसाइकिल दिखाई दी। पुलिस ने मोटरसाइकिल के नंबर CG-31 C-1957 के आधार पर उसके मालिक तक पहुंचकर पूछताछ शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ की कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस चारों आरोपियों तक पहुंची।
पूछताछ में उगला राज—पांच-पांच लाख में हत्या की सुपारी
गिरफ्तार नितिन टेकाम और विधि से संघर्षरत बालक से पूछताछ में पुलिस के सामने साजिश की पूरी तस्वीर सामने आई।
पुलिस के अनुसार, दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या करने के एवज में नितिन टेकाम, साहिल सोनकर और विधि से संघर्षरत बालक को प्रत्येक पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था।
योजना के मुताबिक तीनों आरोपी बजाज पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG-31 C-1957 से बिलासपुर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक दीपक तिवारी भी बिलासपुर आया और घटना के समय रेलवे अस्पताल के आसपास मौजूद रहा।
दीपक ने इशारा कर कहा—“यही है… काम तमाम करना है”
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि श्याम कश्यप जैसे ही मॉर्निंग वॉक करते हुए रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे, कथित मास्टरमाइंड दीपक तिवारी ने उनकी ओर इशारा करते हुए हमलावरों से कहा—
“यही वह व्यक्ति है, जिसका काम तमाम करना है।”
इसके बाद मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे दो आरोपियों ने लकड़ी के डंडे निकालकर श्याम कश्यप के सिर, हाथ और पैरों पर लगातार वार कर दिए। हमले के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
इस खुलासे ने पूरे मामले को सामान्य मारपीट की घटना से कहीं आगे ले जाकर पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश और हत्या के प्रयास का मामला बना दिया है।
डंडा, बाइक और मोबाइल जब्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा, घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त सामग्री, CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की जांच कर रही है।
एक आरोपी जेल, बालक बाल न्यायालय में पेश
पुलिस ने आरोपी नितिन टेकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। विधि से संघर्षरत बालक को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।
वहीं इस पूरी साजिश के कथित मास्टरमाइंड दीपक तिवारी और आरोपी साहिल सोनकर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
फरार दीपक तिवारी पर ₹5 हजार का इनाम
मामले में फरार चल रहे दीपक तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलासपुर पुलिस ने ₹5,000 का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दीपक तिवारी के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
गंभीर धाराओं में कार्रवाई
तारबाहर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 221/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109 और 55 के तहत कार्रवाई की जा रही है। विवेचना के दौरान मामले में आपराधिक षड्यंत्र और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल—सुपारी किसने और क्यों दी?
पुलिस की अब तक की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि श्याम कश्यप पर हुआ हमला अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि आरोपियों को कथित तौर पर पांच-पांच लाख रुपये की सुपारी का लालच देकर सुनियोजित तरीके से हमला कराने की साजिश रची गई थी।
CCTV फुटेज, मोटरसाइकिल की पहचान, तकनीकी साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस ने हमले की कड़ियां जोड़ ली हैं। अब जांच का फोकस फरार दीपक तिवारी और साहिल सोनकर की गिरफ्तारी, साजिश की पूरी कड़ी सामने लाने और यह पता लगाने पर है कि इस हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था तथा इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
वर्जन
पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर शहर
“श्याम कश्यप पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी दीपक तिवारी सहित एक अन्य आरोपी फरार है। फरार आरोपी दीपक तिवारी की गिरफ्तारी के लिए बिलासपुर पुलिस ने ₹5,000 का इनाम घोषित किया है। आरोपी के संबंध में किसी भी व्यक्ति को जानकारी मिलती है तो वह पुलिस को तत्काल सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस की टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।”



